
नई दिल्ली। दो दिन पहले ही 26/11 मुंबई हमले की 10वीं बरसी थी। इस मौके पर हमले में मारे गए बेगुनाहों और शहीद जवानों को याद किया गया। मुंबई हमले को 10 साल बीत जाने के बाद भी उसके आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और हमारा पड़ोसी मुल्क उन आरोपियों को शरण देने में लगा है। मुंबई हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ था, ये बात भारत कई बार साबित कर चुका है, लेकिन उसके बाद भी आरोपियों पर किसी तरह की कार्रवाई पाकिस्तान ने नहीं की है। अब एक खबर ये भी है कि मुंबई हमले के आरोपियों में से एक और लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी साजिद माजिद और उर्फ साजिद मीर ऑपरेशन कराकर अपनी शक्ल बदलवा चुका है।
दो साल से अंडरग्राउड हैं साजिद मीर
एक अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों के एक अधिकारी ने खुद इस बात की जानकारी दी है कि मुंबई हमले में हैंडलर की भूमिका निभाने वाला साजिद मीर लश्कर का टॉप कमांडर है और वो पिछले दो साल से अंडरग्राउंड है। साजिद मीर ने इन दो साल में अपने चेहरे की सर्जरी कराई है, जिससे कि उसका चेहरा अब बदल गया है।
साजिश रचने वाली टीम का हिस्सा था साजिद मीर
आपको बता दें कि साजिद मीर मुंबई हमले की उस टीम का अहम हिस्सा था, जिसने धमाकों की साजिश रची थी। साजिद मीर लश्कर-ए-तैयबा के कराची प्रोजेक्ट का हेड था। साजिद मीर ने ही डेनमार्क के अखबार Jyllands-Posten पर भी हमले की साजिश रची थी। डेनमार्क के इसी अखबार ने पैगम्बर मुहम्मद के विवादित कार्टून प्रकाशित किए थे। साजिद मीर के अलावा एक अन्य आरोपी अब्दुर रहमान सैयद बताया जा रहा है, जो कि पाकिस्तानी सेना से रिटायर्ट अधिकारी है। मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट के अनुसार, अब्दुर रहमान सैयद फिलहाल आईएसआई की खूफिया सुरक्षा में लाहौर में रह रहा है।
पाकिस्तान ने अभी तक की है फर्जी कार्रवाई
हालांकि मुंबई हमले के बाद भारत की तरफ से पड़े दबाव के बाद पाकिस्तानी सरकार ने साल 2008 से 2009 के बीच कई लोगों की गिरफ्तारी का दावा किया था, जिनमें जरार शाह का नाम भी शामिल था। जरार शाह पर आरोप है कि उसने मुंबई हमले के लिए आर्थिक और लॉजिस्टिक मदद मुहैया करायी थी। हालांकि भारतीय जांच एजेंसियों का मानना है कि जरार शाह एक फर्जी आरोपी है और मुंबई हमले का मुख्य आरोपी साजिद मीर है। साजिद मीर ने ही मुंबई हमले के लिए आर्थिक और लॉजिस्टिक मदद मुहैया करायी थी और साजिद मीर और अब्दुर रहमान ही पाकिस्तान में बैठकर अजमल कसाब समेत आतंकियों को दिशा-निर्देश दे रहे थे।