
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और पंजाब के निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने बड़ा खुलासा किया है। सिद्धू ने कहा कि जालंधर और अमृतसर में करीब 500 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है। यह दोनों घोटाले इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के कार्यालय में हुए हैं।
जालंधर और अमृतसर में पांच सौ करोड़ का घोटाला
नवजोत सिंह सिद्धू ने गुरुवार सुबह जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में अचानक छापा मारा। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों से ऑडिट न होने के कारण यह सब हुआ है। लेकिन, अब दोनों ट्रस्ट का ऑडिट काफी हद तक हो चुका है। एक-एक पैसा का हिसाब देखा जाएगा। सिद्धू ने कहा कि दो शहरों जालंधर और अमृतसर के इंप्रूवमेंट ट्रस्ट का ऑडिट कराया जा रहा है। इस जांच में करीब 500 करोड़ का घोटाला सामने आया है। उन्होंने कहा कि अमृतसर ट्रस्ट के बैंक खाते में करीब दस साल पहले 78 करोड़ रुपए थे, जिसका अब कोई हिसाब नहीं है। अगर दस साल पहले इन रुपए की एफडी कराई होती, तो यह रकम 200 करोड़ रुपए हो जानी थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सिद्धू ने कहा कि अमृतसर में करीब 230 करोड़ रुपए और जालंधर में 122 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि अगर लीज पर दी गई जगहों और कब्जे पर ली गई ट्रस्ट की जगहों का हिसाब लगाया जाए तो यह घोटाला 500 करोड़ के आसपास है। सिद्धू ने कहा कि कंपनी के अधिकारी दोनों शहरों के ट्रस्ट का ऑडिट कर रहे हैं, जो काफी हद तक पूरा हो गया। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट मुलाजिमों ने कंपनी अधिकारियों को करीब 50 फाइलें जमा नहीं कराई हैं। फाइलें निकलवाने के बाद करीब दो महीने के अंतर्गत ऑडिट का सारा रिकार्ड पेश किया जाएगा।
सरकारी अफसर पर हमला करते हुए सिद्धू ने कहा कि सरकारी बाबुओं ने कई बैंक में खाते खुलवाकर पैसों को इधर-उधर घुमाकर अपने रिश्तेदारों के खाते में जमा कराए हैं। इसका खुलासा भी ऑडिट में ही होगा। लीज पर दी गई प्रॉपर्टीज का भी कोई हिसाब नहीं है, कोई पांच रुपए पर, तो कोई 50 रुपए पर लीज पर दी गई हैं। सिद्धू ने कहा कि दोनों शहरों के ट्रस्टों के अधिकारियों ने ढेरों जमीनों को बिना खसरा नंबर के आगे अलॉट किया हुआ है। जालंधर में ऐसी जगहों का करीब 75 करोड़ रुपए का घोटाला है। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों में करीब 120 फाइलें उनके पास आई हैं।