देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना संक्रमण के मामलों में गिरावट दर्ज की गई है। नए केस में कमी आई है। स्थिति थोड़ी नियंत्रण में है, तो यह कयास लगाए जा रहे हैं कि यहां लॉकडाउन जल्द ही हटाया जा सकता है। यदि पूरी हटाया नहीं भी गया, तो कई मामलों में आंशिक ढील दी जा सकती है।
नई दिल्ली।
दिल्ली में करीब एक महीने पहले कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण की वजह से जो गंभीर हालात थे, उसके बाद केजरीवाल सरकार ने यहां लॉकडाउन लगा दिया था। हालांकि, इससे परेशानी जरूर हुई, मगर कोराना संक्रमण के मामलों में कमी भी देखने को मिली। अब जबकि स्थिति थोड़ी नियंत्रण में है, तो यह कयास लगाए जा रहे हैं कि यहां लॉकडाउन जल्द ही हटाया जा सकता है। यदि पूरी हटाया नहीं भी गया, तो कई मामलों में आंशिक ढील दी जा सकती है। दिल्ली सरकार की ओर से संकेत दिए गए हैं कि लॉकडाउन आगे बढ़ाया जाए या नहीं, इस पर एक-दो दिन में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल उपराज्यपाल से मुलाकात करने के बाद फैसला लेंगे।
वैसे दिल्ली में कोरोना वायरस के संक्रमण की वर्तमान स्थिति पर गौर करें तो स्पष्ट है कि केजरीवाल सरकार की ओर से शुक्रवार को जारी हेल्थ बुलेटिन के मुताबिक, बीते 24 घंटों में यहां 3009 नए केस सामने आए। वहीं, संक्रमण दर घटकर 5 फीसदी से नीचे यानी 4.76 पर पहुंच गई है। देखा जाए तो यह संक्रमण दर करीब 15 दिन पहले लगभग 35 प्रतिशत थी। ऐसे में यह दर करीब 30 प्रतिशत तक कम हुई, जिसे केजरीवाल सरकार शुभ संकेत मान रही है।
गत 20 मई को दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के 3 हजार 231 नए केस सामने आए थे। तब लोगों की मृत्यु हुई थी और संक्रमण की दर 5.5 फीसदी थी। वहीं, 19 मई को दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के 3 हजार 846 नए केस सामने आए थे। तब 235 लोगों की मौत हुई थी और संक्रमण की दर 5.78 फीसदी थी।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के मुताबिक, लॉकडाउन जारी रहे या इसे हटाया जाए, इस पर शनिवार या फिर रविवार को दिल्ली के उपराज्यपाल से मिलकर चर्चा की जाएगी, इसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
दूसरी ओर, दिल्ली में कोरोना के घटते मामलों पर बीजेपी ने सवाल खड़े किए है। बीजेपी सासंद गौतम गंभीर ने कहा कि टेस्टिंग कम कर दी है, जिसमें सरकार इस बात की वाहवाही लूट सके कि दिल्ली में जल्द सब ठीक कर दिया है। इस पर भी अरविंद केजरीवाल का एक बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने बीजेपी के आरोपों को नकारते हुये कहा कि टेस्टिंग की बात करें तो प्रति मिलियन के हिसाब से दिल्ली में इस वक्त सबसे ज़्यादा टेस्ट किए जा रहे है।