दरअसल मोदी सरकार पर कई मंचों से विपक्षी पार्टी और विशेषज्ञों ने रोजगार देने में विफल रहने का आरोप लगा है।
नई दिल्ली: बुधवार को हुई नीति आयोग की बैठक में रोजगार सृजन, किसानों की आय दोगुनी करने, विनिर्माण को बढ़ावा देने और निर्यात बढ़ाने के मुद्दे जोरदार तरीके से उठे। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अर्थशास्त्री और विशेषज्ञ शामिल हुए। नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि नौकरी मामले में जल्द ही अच्छी खबर आएगी। उन्होंने कहा कि हमने रोजगार पर बार-बार आने वाले आंकड़ों पर गौर करने के लिए एक कार्यबल गठित किया था जिसकी रिपोर्ट जल्द ही आने वाली है।
मोदी सरकार पर रोजगार देने में विफल रहने का आरोप
दरअसल मोदी सरकार पर कई मंचों से विपक्षी पार्टी और विशेषज्ञों ने रोजगार देने में विफल रहने का आरोप लगा है। राजीव कुमार ने कहा कि श्रम ब्यूरो और सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले आंकड़े के ठीक उलट रोजगार पर बेहतर खबरें हैं।
40 से ज्यादा अर्थशास्त्री जुटे विचार विमर्श में
नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि बैठक में वित्त मंत्री अरुण जेटली समेत 40 से अधिक अर्थशास्त्री और विशेषज्ञों ने अर्थव्यवस्था और नीति निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहराई से विचार किया है। जिसमें कई अर्थशास्त्रियों से सुझाव आए हैं। उसपर भी विचार किया जाएगा। राजीव कुमार की मानें तो विशेषज्ञों ने किसानों की आय दोगुनी करने पर सबसे ज्यादा जोर दिया है। क्योंकि यह अक्सर देखा जाता है कि उत्पादन बढ़ने के साथ कीमत नहीं बढ़ती। बल्कि और कम हो जाती है। राजीव कुमार ने कहा कि बैठक में सभी विशेषज्ञों ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग विधेयक का समर्थन किया। इसे विचार के लिए संसदीय समिति के पास भेजा जा रहा है और ये विधेयक भारतीय चिकित्सा परिषद का स्थान लेगा।
पीएम मोदी ने किया ट्वीट
बैठक के बाद प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया कि आर्थिक नीति पर अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों के साथ विस्तार पूर्वक चर्चा हुई। बैठक में विशेषज्ञों ने अर्थव्यवस्था, कृषि, ग्रामीण विकास, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, विनिर्माण, निर्यात, शहरी विकास, बुनियादी ढांचा और संपर्क पर अपने विचार रखे।
बजट से ठीक पहले हुई बैठक
गौरतलब है नीति आयोग की बैठक उस वक्त हो रही है जब चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो चार साल का सबसे न्यूनतम स्तर है। 1 फरवरी को वित्त मंत्री अरुण जेटली एनडीए सरकार का पांचवां बजट पेश करेंगे।