फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर पत्रिका पोल का परिणाम। सोशल मीडिया यूजर्स ने भारी संख्या में लिया पोल में हिस्सा। कोरोना से भारत की अर्थव्यवस्था पर होगा अपेक्षाकृत कम असर।
नई दिल्ली। कोरोना वायरस के कहर ने दुनिया के ज्यादातर देशों को परेशान कर दिया है। कोरोना से लड़ाई के लिए युद्धस्तर पर किए जा रहे प्रयासों के चलते तमाम देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर बड़ा असर पड़ना लाजमी है। हालांकि सोशल मीडिया यूजर्स की मानें तो कोरोना के कहर का भारतीय अर्थव्यवस्था पर उतना दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा जितना अमरीका-फ्रांस और इटली पर। पत्रिका पोल में 70 फीसदी यूजर्स ने इस बात पर अपनी सहमति जताई।
दरअसल पत्रिका ने फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम जैसे अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर रविवार सुबह एक सवाल पूछा। पत्रिका का सवाल था, "कोरोना वायरस का भारतीय अर्थव्यवस्था पर उतना दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा, जितना अमरीका, इटली और फ़्रांस पर? क्या आप इस बात से सहमत हैं?"
यूजर्स को इस सवाल का जवाब हां, नहीं और पता नहीं के रूप में देना था। पत्रिका पोल के इस सवाल के जवाब में फेसबुक पर 1500 से ज्यादा यूजर्स ने हिस्सा लिया। इनमें से 70 फीसदी ने इसका उत्तर हां में दिया जबकि 30 फीसदी का जवाब नहीं था। यानी फेसबुक यूजर्स का मानना है कि कोरोना के कहर को रोकने के लिए भारत द्वारा किए जा रहे प्रयास काफी बेहतर हैं और इनका भारतीय अर्थव्यवस्था पर अमरीका, इटली और फ्रांस की तुलना में कम दुष्प्रभाव पड़ेगा।
हालांकि 25 मार्च से शुरू हुए देशव्यापी टोटल लॉकडाउन के बाद अब अगर इसे और आगे बढ़ाया जाता है, तो भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके दुष्प्रभाव की बात से इनकार नहीं किया जा सकता। लेकिन जिस हिसाब से कोरोना ने अमरीका, इटली और फ्रांस को अपनी चपेट में लिया है, उस मुकाबले भारत कहीं ज्यादा बेहतर स्थिति में रहेगा।
ट्विटर पर पत्रिका के इस पोल में 62 फीसदी यूजर्स ने हां में जवाब दिया है जबकि 30.8 फीसदी ने नहीं में और 7.2 फीसदी ने पता नहीं के रूप में। जबकि इंस्टाग्राम पर 60 फीसदी यूजर्स ने इस सवाल का हां में जवाब दिया है और 40 फीसदी ने नहीं में।
सोशल मीडिया पर पत्रिका के पोल में यूजर्स की हिस्सेदारी और उनकी प्रतिक्रिया देशव्यापी सोच को सामने लाती है।