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पतंजलि के आगे झुकी योगी सरकार, अब ग्रेटर नोएडा से शिफ्ट नहीं होगा मेगा फूड पार्क

उत्तर प्रदेश सरकार बाबा रामदेव के सहयोगी बाल कृष्ण द्वारा नाराजगी जाहिर करने के बाद अब पतंजलि आयुर्वेद लि. की शर्तें मानने को तैयार हो गई है।

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Jun 06, 2018
पतंजलि के आगे झुकी योगी सरकार, अब ग्रेटर नोएडा से शिफ्ट नहीं होगा मेगा फूड पार्क

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से पतंजलि फूड पार्क को शिफ्ट किए जाने का मामला शांत हो गया है और अब यह फूड पार्क यहीं पर बनेगा। उत्तर प्रदेश सरकार बाबा रामदेव के सहयोगी बाल कृष्ण द्वारा नाराजगी जाहिर करने के बाद अब पतंजलि आयुर्वेद लि. की शर्तें मानने को तैयार हो गई है। बुधवार को हुई उच्च स्तरीय बैठक में यह तय हुआ है कि अगले मंगलवार को होने वाले कैबिनेट की बैठक में पतंजलि के लिए संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी दे दी जाए। आपको बता दें कि इस मामले को लेकर आचार्य बालकृष्ण ने कहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार सभी शर्तें मानने को तैयार है। सरकार ने उन्हें एक महीने में प्रोजेक्ट को मंजूरी देने का वादा किया है। उन्होंने कहा कि इससे पहले पतंजलि ने एक वर्ष से लगातार प्रोजेक्ट को अनुमोदित करने के लिए अलग-अलग प्रयास किए लेकिन कोई सहयोग नहीं मिला। यही कारण था कि इस प्रोजेक्ट को कहीं ओर शिफ्ट करने पर विचार करने की नौबत आ गई।

आचार्य बालकृष्ण ने मंगलवार को ट्वीट कर जताई थी नाराजगी

आपको बता दें कि आचार्य बालकृष्ण ने मंगलवार को ट्वीट कर इस मामले में नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा था कि अब ग्रेटर नोएडा से पतंजलि फूड पार्क को शिफ्ट किया जाएगा। प्रदेश सरकार की उदासीनता के कारण पतंजलि ने इस प्रोजेक्ट को अन्यत्र शिफ्ट करने का निर्णय लिया है। बता दें कि जब यह मामला सीएम योगी के पास पहुंचा तो मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के निर्देश पर मुख्य सचिव राजीव कुमार ने बुधवार को इस मामले पर कई दौर की बैठकें की। बता दें कि इस बैठक में औद्योगिक विकास आयुक्त अनूप चंद्र पाण्डेय भी मौजूद रहे। इस बैठक के बाद सभी तरह के विवाद शांत हो गए हैं और प्रदेश सरकार पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड की शर्तों को मानने के लिए तैयार है। बैठक में तय हुआ है कि आगामी मंगलवार को होने वाले कैबिनेट की बैठक में पतंजलि के पूर्व में दिए गए प्रस्ताव को प्रस्तुत किया जाएगा। संशोधन प्रस्ताव में पतंजलि फूड एवं हर्बल पार्क को 91 एकड़ भूमि देने का फैसला हुआ है।

क्या है पूरा मामला

आपको बता दें कि अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति-2012 के तहत उत्तर प्रेदश सरकार ने फैसला करते हुए 2 नवंबर 2016 के शासनादेश द्वारा पतंजलि आयुर्वेद लि. हरिद्वार को यीडा द्वारा 455 एकड़ जमीन दी थी। इस फैसले में 25 एकड़ भूमि संस्थागत उपयोग और 430 एकड़ भूमि आवंटन मूल्य पर 25 फीसदी छूट के साथ दी गई। इन सबके अलावे पिछली सरकार ने पतंजलि को 455 एकड़ के 20 फीसदी यानी 91 एकड़ ही सबलीज की अनुमति भी दी। बता दें कि यह अनुमति आवंटन की तिथि से सात साल के लिए मान्य की गई थी। पतंजलि ने इसके बाद 99 फीसदी एसपीवी पतंजलि फूड एवं हर्बल पार्क नोएडा प्रा. लि. के लिए केंद्र सरकार के खाद्य एवं प्रसंस्करण मंत्रालय से मेगा एवं फूड पार्क के लिए सैद्धांतिक अनुमोदन लिया। अब 23 मार्च 2018 को पतंजलि कंपनी ने सरकार से आवंटित की गई 455 एकड़ भूमि में से 86 एकड़ भूमि स्थानांतरित करने की मांग की। हालांकि अब पतंजलि ने अपने प्रस्ताव में बदलाव करते हुए एसपीवी पतंजलि फूड एवं हर्बल पार्क नोएडा प्रा. लि. को 60 एकड़ भूमि पर मेगा फूड पार्क विकसित करने का अनुरोध किया है और 30 एकड़ भूमि पर सबलीज की अनुमति मांगी। इसके अलावे पतंजलि ने बाकी बचे हुए 370 एकड़ जमीन मे से 56 एकड़ जमीन को भी सबलीज पर देने की अनुमति मांगी। अब सरकार ने कहा है कि एक कंपनी से दूसरे कंपनी को सबलीज करने के लिए कैबिनेट की मंजूरी की आवश्कता होगी, जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।

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Published on:
06 Jun 2018 09:54 pm
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