2013 में गलती पार कर गए थे भारतीय सीमा, पाकिस्तान ने वापसी के लिए सहयोग किया।
नई दिल्ली। पानी की तलाश में राजस्थान के रेगिस्तान को पार कर अनजाने में पाकिस्तान पहुंचने वाले जितेंद्र अर्जुनवार को चार मई तक घर भेजा जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मध्यप्रदेश निवासी 21 वर्षीय अर्जुनवार एनीमिया की बीमारी से जूझ रहे हैं। पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त का कहना है कि युवक को कराची की मालियर जेल से निकालकर बाघा बॉडर ले जाया गया है। सूत्रों की माने तो बच्चे को अधिकारियों ने इमरजेंसी पार्सपोर्ट भी मुहैया करा दिया है ताकि वह सीमा को पार कर भारत पहुंच सके। मगर उसकी तबीयत ठीक न होने के कारण उसे अभी पाकिस्तान में ही रखा गया है। गौरतलब है की भारत लौटने के दौरान युवक का काफी समय जाया हो सकता है। इस दौरान भारतीय इंटेलिजेंस के अधिकारी उससे लंबी पूछताछ कर सकते हैं।
घर भेजने की हो रही कोशिश
पाकिस्तान के भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया ने बताया कि जितेंद्र को अमृतसर भेजने के लिए सभी तरह की देखरेख हो रही है। यहां से विदेश मंत्रालय और पंजाब सरकार के अधिकारी उन्हें घर भेजने की कोशिश कर रहे हैं। दरअसल पाकिस्तान और भारत की छूती सीमाओं के रास्ते धोखे से कई लोग सीमा पार कर जाते हैं। गलती से पहुंचे इन लोगों को पहले भी भारत और पाकिस्तान दोनों देश वापस कर चुके हैं। इस मामले में पाकिस्तान की तरफ युवक के प्रति सकारात्मक रवैया दिखाई दे रहा है।
2013 में पाकिस्तान के जुवेनाइल जेल में था
जितेंद्र का मामला तब सामने आया जब 23 वर्षीय दलविंदर सिंह को रविवार को बीएसएफ को सौंप दिया गया था। दलविंदर अनजाने में सीमा के दूसरी तरफ कासुर के बलनवाला गांव पिछले मार्च में पार हो गया था। उन्हें एक साल बाद पाकिस्तान द्वारा वापस भेज दिया गया। मगर जितेंद्र इस मामले में भाग्यशाली नहीं रहा। वह 2013 में पाकिस्तान के सिंध प्रांत में जुवेनाइल जेल में था। इस समय वह किशोर अवस्था में थे। एक साल बाद उसे दूसरी जेल में शिफ्ट कर दिया गया। गौरतलब है कि अर्जुनवार ने अपनी मां के साथ झगड़ा करने के बाद घर छोड़ दिया था । गलती से पाकिस्तान में पार हो गया और अगस्त 2013 में गिरफ्तार कर लिया गया।