
hafiz syeed
लाहौर। पूरी दुनिया में आतंक का पर्याय बन चुका हाफिज सईद अब अपनी छवि चमकाने में लगा हुआ है। सईद पाकिस्तान की राजनीति में अपने पैर जमा रहा है। इसके लिए वह पाक के सिखों का समर्थन चाहता है। सोमवार को सईद ने पाक के सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्यों के साथ मुलाकात की और अपने लिए समर्थन की अपील की। गौरतलब है कि सईद अपनी पार्टी मिल्ली मुस्लिम लीग के लिए जोरदार प्रचार अभियान में लगा हुआ है। आतंकी संगठन जमात-उद-दावा और लश्कर-ए-तैयबा पर प्रतिबंध लगने के बाद से वह बौखलाया हुआ है। सईद पर अमरीका ने एक करोड़ डॉलर का इनाम घोषित किया है। ऐसे में उसे लगता है कि राजनीति में आने के बाद वह पाक में महफूज रह सकता है।
भारत के खिलाफ दिए बयान
पाक मीडिया के अनुसार सईद ने ननकाना साहिब के जेयूडी दफ्तर में यह बैठक की। सईद ने सिखों को कहा कि उनका समुदाय बहादुरों की कौम है,लेकिन भारत में उनके साथ अत्याचार हो रहे हैं। पाकिस्तान सरकार इस मसले पर चुप है,क्योंकि भारत से दोस्ती की खातिर वह कोई भी कीमत अदा कर सकती है। दरअसल कश्मीर में आतंकवाद को लेकर भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाफिज की आतंकी गतिविधियों को उजागर किया है। इसे लेकर भारत कई बार संयुक्त राष्ट्र भी पहुंच चुका है। इस कारण सईद भारत को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानता है।
पार्टी को नहीं मिली है मान्यता
इस बैठक में पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के महासचिव गोपाल सिंह चावला भी मौजूद थे। इस दौरान सईद के साथ एम-मुस्लिम लीग का प्रमुख सैफुल्लाह खालिद भी था। जानकारों का कहना है कि एम-मुस्लिम लीग अगले आम चुनाव में भागीदारी करना चाहती है। सईद चुनाव में अपने उम्मीदवार खड़े करना चाहता है। यह संगठन जेयूडी की राजनीतिक शाखा है,लेकिन पाकिस्तान चुनाव आयोग ने इसे अभी तक पंजीकृत नहीं किया है। गृह मंत्रालय की आपत्ति के बाद यह फैसला लिया गया था।
Published on:
01 May 2018 10:32 am
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