
नई दिल्ली। कोरोना वायरस संकट के बीच संसद के मानसून सत्र ( Parliament Monsoon Session ) का आज दूसरा दिन है। लोकसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एलएसी पर चीन के साथ हुए विवाद को लेकर अपना बयान दे रहे हैं। दरअसल पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के साथ पिछले चार महीने से चल रहे तनाव, विवाद और झड़प को लेकर संसद में इसका मुद्दा उठना लाजमी है, यही वजह है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस मुद्दे पर अपना बयान जारी करेंगे।
पिछले चार महीनों में क्या हुआ, कैसे हुआ और अब क्या हालात हैं इनकों लेकर रक्षामंत्री जवाब देंगे। आपको बता दें कि विपक्ष लगातार लगातार चीन विवाद पर केंद्र की मोदी सरकार को घेरता आ रहा है। चीन का भारतीय सीमा में घुसपैठ से लेकर सैनिकों के साथ झड़प तक हर घटना को लेकर विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। ऐसे में राजनाथ सिंह मंगलवार को सीमा पर हालात के बारे में देश को जानकारी देंगे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह हाल में रूस की राजधानी मॉस्को से लौटे हैं। मास्को में चीन के रक्षा मंत्री वेई फेंगहे के साथ मुलाकात हुई थी। दो घंटे तक चली इस बैठक में भारत ने साफ शब्दों में कहा था कि चीन को विवादित क्षेत्र से पीछे हटना होगा। राजनाथ सिंह मास्को में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में हिस्सा लेने गए थे।
राजनाथ के साथ-साथ विदेशमंत्री एस जयशंकर ने भी चीन के उनके समकक्ष वांग यी के साथ मुलाकात की थी। इस दौरान विदेशमंत्री ने साफ कर दिया था कि भारत हर हाल में अपनी संप्रभुता की रक्षा करेगा। यही नहीं इस दौरान दोनों देशों के बीच यह सहमति बनी थी कि दोनों देश इस विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत पर ज्यादा जोर देंगे।
आपको बता दें कि दोनों देशों के बीच पिछले लंबे समय से सीमा पर चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए कई तरह के स्तर की बातचीत हो रही है।
यहां ये जान लेना आवश्यक है कि पूर्वी लद्दाख में दोनों देशों के बीच मई महीने से ही विवाद जारी है। इस दौरान 15 जून को दोनों देशों के बीच हिंसक झड़प भी हो चुकी है। इस झड़प में देश के 20 जवान भी शहीद हो गए थे। इसके बाद 29-30 अगस्त को भी चीनी सैनिकों ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश की थी, जिसे भारतीय जवानों ने नाकाम कर दिया था।