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कब खुलेंगे स्कूल-कॉलेज? Parliamentary Committee की बैठक के बाद मिला जवाब

देश भर के स्कूल-कॉलेजों को खोले जाने ( schools reopen date ) को लेकर संसदीय समिति ( Parliamentary committee ) की बैठक। चंडीगढ़ प्रशासन ने दिखाई स्कूल खोले जाने की इच्छा, लेकिन कोई फैसला नहीं लिया गया। कोरोना वायरस महामारी ( Coronavirus Pandemic ) के हालात देखने के बाद ही लिया जाएगा कोई निर्णय।  

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Parliamentary committee meeting on preparations to open schools, colleges: No timeline has been decided

नई दिल्ली। मानव संसाधन विकास मामलों से संबंधित संसदीय समिति ( Parliamentary committee ) ने सोमवार को देशभर में स्कूल और कॉलेजों को खोले जाने ( schools reopen date ) को लेकर बैठक की। इस दौरान केंद्र शासित चंडीगढ़ द्वारा स्कूलों को खोले जाने को लेकर इच्छा जताई गई, लेकिन अभी इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है।

केंद्र सरकार के सूत्रों के मुताबिक सोमवार को आयोजित बैठक में स्कूल-कॉलेजों को खोले जाने को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान इन्हें फिर से खोले जाने पर कोई फैसला या समयसीमा ( cbse schools open date ) तय नहीं की जा सकी। स्कूल-कॉलेजों को खोले जाने का फैसला कोरोना वायरस ( Coronavirus Pandemic ) के हालात को देखते हुए लिया जाएगा। हालांकि केवल चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से केवल शैक्षिक संस्थानों को खोले जाने की इच्छा जताई गई।

बता दें कि कुछ दिन पहले ही मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदलकर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ( Education Ministry ) कर दिया गया था। सोमवार को आयोजित बैठक में संसदीय समिति की अध्यक्षता राज्यसभा सांसद विनय सहस्रबुद्धे ने की। संसदीय समिति की इस बैठक का एजेंडा कोरोना वायरस महामारी के दौरान स्कूल-कॉलेजों के साथ ही उच्च व तकनीकी शिक्षा क्षेत्र की तैयारी पर चर्चा करना था।

सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार को मिले तमाम हितधारकों से मिली प्रतिक्रिया के मुताबिक फिलहाल अधिकांश अभिभावक यह नहीं चाहते हैं कि अभी स्कूलों को खोला जाए। इस संबंध में देश में अभिभावकों के सबसे बड़े राष्ट्रीय संगठन 'ऑल इंडिया पैरेंट्स एसोसिएशन' ( All India Parents Association ) के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने बताया कि संघ ने शिक्षा मंत्रालय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( pm modi ) के समक्ष मुख्य रूप से तीन विषय रखे थे। इनमें सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा यह है कि जब तक कोरोना वायरस महामारी पर पूरी तरह से काबू नहीं कर लिया जाता, तब तक स्कूलों को नहीं खोला जाना चाहिए।

देश भर के ज्यादा अभिभावकों की इच्छा है कि इस वर्ष स्कूलों में पूरे शैक्षणिक सत्र ( Current academic year ) को ही जीरो सेशन ( zero session ) मान लिया जाए। इस मांग को लेकर तमाम अभिभावकों द्वारा सहमति जताई जा चुकी है। यह जानकारी उस वक्त सामने आई जब केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के निर्देश पर सभी राज्यों ने स्कूल खोले जाने के विषय पर अभिभावकों की राय जानने की कोशिश की।

इस संबंध में अखिल भारतीय अभिभावक संघ के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने कहा, "हमने पीएम मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के अलावा देशभर के समस्त मुख्यमंत्रियों को ऐसे ही पत्र भेजे हैं। संघ ने सभी सरकारों से मांग की है कि इस शैक्षणिक सत्र को जीरो एकेडेमिक ईयर घोषित कर दिया जाए। इसके साथ ही सभी छात्रों को अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया जाए और अगले वर्ष का पाठ्यक्रम भी इस तरह से मॉडिफाई किया जाए कि छात्र उसे समझ सकें और अपनी पढ़ाई कर सकें।"

Updated on:
13 Aug 2020 09:25 pm
Published on:
10 Aug 2020 08:08 pm
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