सोशल मीडिया यूजर्स को पीएम की पहल पर पूरा भरोसा पीएम के 7 बिंदुओ पर जनता के साथ देने हालात सुधरेंगे ग़रीबों की मदद और कोरोना योद्धाओं का सम्मान भी जरूरी
दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( pm modi ) के राष्ट्र के नाम संबोधन का इंतज़ार देश की जनता बेसब्री से कर रही थी। पूरा देश जानना चाहता था कि कोरोना वायरस ( Corona virus ) को फैलने से रोकने के लिए देश भर में लगाया गया लॉक डाउन खत्म हो जाएगा या इसकी अवधि आगे बढ़ाई जाएगी। पिछले कुछ दिनों से कोरोना के मरीज़ों की संख्या में लगातार हो रही बढ़ोतरी की वजह से ज्यादातर लोग यह मानकर चल रहे थे कि लॉक डाउन बढ़ेगा, लेकिन वे पीएम की योजना के बारे में सुनना चाहते थे। पीएम ने अपने संबोधन में लॉक डाउन बढ़ाने की घोषणा तो की ही, कोरोना के खिलाफ जंग ( fight against corona ) में देशवासियों का सात बिंदुओं पर सहयोग भी मांग लिया।
पीएम के सात बिंदु जिन पर उन्होंने जनता से की साथ देने की अपील:
1. घर में बुजुर्गों और जो पहले से बीमार हों, उनका रखें ख़ास खयाल
2. लॉक डाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें
3. इम्युनिटी बढ़ाने के लिए आयुष मंत्रालय के निर्देशों का पालन करें
4. आरोग्य सेतु ऐप को अपने मोबाइल में डाउनलोड करें
5. ग़रीबों की देख-रेख करें, जिनके पास भोजन न हो, उन्हें भोजन दें
6. उद्योगपति किसी को नौकरी से न निकालें
7. कोरोना योद्धाओं ( चिकित्सक, नर्स, पुलिसकर्मी, सफ़ाईकर्मी) का सम्मान करें
क्या ये सात बिंदु कोरोना की बढ़ती गति को रोकने में सक्षम हैं?
प्रधानमंत्री ने जिन सात बिंदुओं पर देश की जनता का सहयोग मांगा, उनमें से पहले चार बिंदु तो सीधे-सीधे कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने में कारगर हैं, जबकि अंतिम तीन भारतीय समाज को मज़बूती देने के लिए जरूरी हैं।
सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा, मानें पीएम की बात
पत्रिका के आज के इंटरनेट पोल में सोशल मीडिया यूजर्स से यह सवाल पूछा गया - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 बिंदुओं पर देशवासियों से साथ देने की अपील की है। क्या ये सात बिंदु कोरोना वायरस महामारी से भारतीयों की रक्षा करने में सक्षम हैं? फेसबुक पर 99 फीसदी यूजर्स ने कहा हां प्रधानमंत्री के सात बिंदु कोरोना को रोकने में सक्षम हैं, केवल 1 प्रतिशत यूजर्स ने इसके खिलाफ राय प्रकट की। इंस्टाग्राम पर भी 88 प्रतिशत यूजर्स ने प्रधानमंत्री की पहल पर भरोसा दिखाया, जबकि 12 फीसदी यूजर्स को लगता है कि इससे हालात नहीं सुधरेंगे।