विविध भारत

PM Modi ने दिया मेक इन इंडिया के साथ ‘मेक फॉर वर्ल्ड’ का नारा

राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन परियोजना ( NIPP ) में 100 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए जाएंगे। आत्मनिर्भरता का मतलब सिर्फ आयात कम करना नहीं, बल्कि खुद की कौशल क्षमता ( Skill Development ) का विकास भी इसमें शामिल है।
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Narendra Modi
राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन परियोजना ( NIPP ) में 100 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए जाएंगे।

नई दिल्ली। 74वें स्वतंत्रता दिवस 2020 ( Independence Day 2020 ) पर तिरंगा फहराने ( Tricolor hoist ) के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi ) ने लाल किले ( Red Fort ) के प्राचीर से एक के बाद एक कई घोषणाएं की। इन्हीं में से एक बड़ी घोषण मेक इंडिया ( Make in India ) के साथ ‘मेक फॉर वर्ल्ड' ( Make for World ) का दिया है। उन्होंने कहा कि अब हमें ‘मेक फॉर वर्ल्ड' के मंत्र को लेकर आगे बढ़ना होगा।

पीएम ने आज कहा कि देश के अवसरंचनात्मक विकास के लिए राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन परियोजना ( NIPP ) में 100 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए जाएंगे। इसके लिए लगभग सात हजार परियोजनाओं को चिह्नित भी किया जा चुका है। इन परियोजनाओं के दम पर ही हम भारत को आधुनिकता की तरफ तेज गति से ले जा सकते हैं। अगर हम देश को तीव्र विकास चाहते हैं तो हमें इन परियोजनाओं पर काम भी तेजी से करना होगा। अगर हम ये कर पाए तो ये एक तरह से अवसरंचना विकास के क्षेत्र में नई क्रांति साबित होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का मतलब सिर्फ आयात कम करना ही नहीं, अपनी क्षमता, अपनी रचनात्मकता, अपने कौशल ( Skill ) को बढ़ाना भी है। कुछ महीने पहले तक एन-95 मास्क, पीपीई किट, वेंटिलेटर ये सब विदेशों से मंगवाये जाते थे लेकिन आज इन सभी में भारत न सिर्फ अपनी जरूरतें खुद पूरी कर रहा है, बल्कि दूसरे देशों की मदद के लिए भी आगे आया है।

एफडीआई ने तोड़े सारे रिकॉर्ड

उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संकट (Coronavirus Crisis ) के बावजूद भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश ( FDI ) ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। आज दुनिया की बहुत बड़ी-बड़ी कंपनियां भारत का रुख कर रही हैं। इसलिए हमें ‘मेक इन इंडिया' के साथ ‘मेक फॉर वर्ल्ड' के मंत्र को लेकर आगे बढ़ना होगा।

वोकल फॉर लोकल

भारत की विश्व अर्थव्यवस्था में जो हिस्सेदारी है वह बढ़नी चाहिए। इसके लिए हमें आत्मनिर्भर होना होगा। उन्होंने कहा कि जब हम आर्थिक वृद्धि और विकास पर ध्यान केंद्रित करें तो मानवता इस प्रक्रिया में केंद्रीय भूमिका में होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमें वोकल फॉर लोकल ( Vocal for local ) की दिशा में भी और कदम उठा लेंगे।

Updated on:
15 Aug 2020 04:37 pm
Published on:
15 Aug 2020 04:34 pm