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सोशल मीडियाः सरकार ने की सख्ती तो फेसबुक-ट्विटर ने 700 से ज्यादा फेक न्यूज लिंक किए ब्लॉक

सोशल मीडिया पर फैलते फेक न्यूज के दायरे को रोकने के लिए सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं और इसके चलते फेसबुक, ट्विटर आदि को सैकड़ों फर्जी खबरों के लिंक हटाने पड़े।
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Fake News
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नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर सरकार की सख्ती का असर नजर आ रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अफवाहों और फेक न्यूज को फैलने से रोकने के बारे में तकनीकी रास्ते खोजने का आदेश मिलने के बाद फेसबुक और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने इस वर्ष जून तक करीब 700 ऐसे यूआरएल (वेबसाइट एड्रेस) ब्लॉक किए हैं।

राज्य सभा में प्रश्नकाल के दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने बताया कि जहां सरकार सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दे रही है, इससे स्पष्ट हो जाता है कि लोगों के सवाल पूछने का अधिकार कायम रखा जाना चाहिए।

प्रसाद ने कहा कि फर्जी खबरों को लेकर एकमत होने की जरूरत है। सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत पिछले कुछ वक्त में इन कंपनियों ने ढेर सारे यूआरएल ब्लॉक किए हैं। इस वर्ष जून तक फेसबुक ने 499, यूट्यूब ने 57, ट्विटर ने 88, इंस्टाग्राम ने 25 और टंबलर ने 28 फर्जी खबरों वाले यूआरएल ब्लॉक किए हैं।

रवि शंकर प्रसाद राज्य सभा में तमाम सदस्यों के सवालों के जवाब दे रहे थे, जिन्होंने ट्विटर, फेसबुक और वॉट्सऐप जैसे तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैलती फेक न्यूज के बारे अपनी चिंता जाहिर की थी। बता दें कि फेक न्यूज के फैलने से ही कुछ लिंचिंग के मामले भी जुड़े हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने इन कंपनियों को दिखा दिया है कि भारत एक उभरती हुई डिजिटल शक्ति है और वे यहां पर अपना व्यापार करने के लिए स्वतंत्र हैं। लेकिन इन प्लेटफॉर्म्स का दुरुपयोग न हो, इसके लिए उन्हें तकनीकी समाधान भी खोजने होंगे। प्रसाद ने सलाह दी कि यह कंपनियां अपने प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद सामग्रियों की जिम्मेदारी लेने से बच नहीं सकतीं और इस संबंध में उन्हें उकसाने वाला भी समझा जा सकता है।

उन्होंने कहा, "इस समस्या के समाधान के लिए किसी रॉकेट साइंस की जरूरत नहीं है." उन्होंने आगे कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से भी यही जानने के लिए कहा गया। इस संबंध में ऐसी कंपनियों द्वारा शिकायत अधिकारी की नियुक्ति भी समाधान का एक संभावित तरीका है। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे से निपटने के लिए दलों को अपने दायरे से बाहर आना होगा।

क्या सरकार इस संबंध में प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया से भी संपर्क कर रही है, के मुद्दे पर प्रसाद ने कहा कि इस सिलसिले में हाल ही में कुछ निर्देश दिए गए थे। उन्होंने यह भी बताया कि मौजूदा कानून के तहत ही तमाम समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है।

Published on:
04 Aug 2018 03:45 pm
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