
नई दिल्ली.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को संसद के नए भवन के लिए भूमि पूजन करेंगे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों से बहुत तेजी से इस आधुनिक इमारत की संकल्पना कर इसका निर्माण शुरू किया जा रहा है। गुरुवार दोपहर एक बजे पीएम मोदी मौजूदा संसद भवन परिसर में ही इस नई इमारत का शिलान्यास करेंगे। उससे पहले वे भूमि पूजन और हवन भी करेंगे।
इस मौके पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी, शहरी कार्य मंत्री हरदीप पुरी, राज्य सभा के उप सभापति हरिवंश नारायण सिंह के अलावा अन्य मंत्री और सांसद भी मौजूद रहेंगे।
बिरला ने किया था प्रस्ताव
बिरला ने पिछले साल अगस्त में नए संसद भवन के लिए प्रस्ताव पेश किया था। इसके बाद उनकी अध्यक्षता में सामान्य प्रयोजनों संबंधी समिति की ओऱ से इस मामले पर आगे की कार्यावाही की गई। समिति ने नए संसद भवन के डिजाइन में शामिल किए जाने के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार किए। यह भी सिफारिश की गई थी कि नए संसद भवन में भारत की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाने के लिए सम्पूर्ण देश के दस्तकार और शिल्पकार अपना योगदान देंगे।
मौजूदा भवन के पास ही संसद भवन
नए संसद भवन का निर्माण वर्तमान संसद भवन के समीप लगे प्लॉट संख्या 118 पर किया जा रहा है। नये संसद भवन के डिजाइन में वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु बेहतर सुविधाओं, पर्याप्त स्थान और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का प्रावधान किया गया है।
2022 में बन कर तैयार होगा
'आत्मनिर्भर भारत' के अग्रदूत के रूप में यह नया भवन वर्ष 2022 में देश की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर 'नए भारत' की आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को पूरा करेगा। भवन की संरचना तो अत्याधुनिक एवं ऊर्जा-कुशल होगी ही इसमें सुदृढ़ सुरक्षा- प्रणाली भी होगी। लोक सभा का नया कक्ष वर्तमान कक्ष के आकार से तीन गुना बड़ा होगा और राज्य सभा का कक्ष भी काफी बड़ा होगा। इसमें एक भव्य केंद्रीय संविधान कक्ष का भी प्रावधान होगा।
यह नया भवन संसाधन-कुशल हरित प्रौद्योगिकी का उपयोग करेगा, पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं को बढ़ावा देगा, रोजगार के अवसरों का सृजन करेगा और आर्थिक मजबूती को बढ़ाएगा। इसमें उच्च गुणवत्ता वाली ध्वनि प्रणाली और दृश्य-श्रव्य सुविधाएं, बैठने के लिए बेहतर एवं आरामदायक व्यवस्था, प्रभावी एवं समावेशी आपातकालीन सुविधाएं होंगी। भूकम्पीय जोन-5 की आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा गया है।