विविध भारत

आतंकियों का गढ़ बनता पीओके: रावलकोट में पाकिस्तान विरोधी प्रदर्शन, टेरर कैंप बंद करने की मांग

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में गिलगिट-बाल्टिस्तान क्षेत्र में आये दिन पाकिस्तान के विरोधी विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इस क्षेत्र में आतंकवादियों की बढ़ती गतिविधियों के खिलाफ पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर रावलकोट शहर में विरोध प्रदर्शन हुआ।

2 min read
आतंकियों का गढ़ बनता पीओके: रावलकोट में पाकिस्तान विरोधी प्रदर्शन, टेरर कैंप बंद करने की मांग

नई दिल्ली। पकिस्तान अधिकृत कश्मीर में बढ़ती आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ रावलकोट शहर में एक भारी विरोध प्रदर्शन हुआ है । लश्कर-ए-तैयबा और जयश-ए-मोहम्मद जैसे समूहों को आश्रय और प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए निवासियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने इस्लामाबाद स्थित पाकिस्तानी हुक्मरानों को दोषी ठहराया। लोगों के हाथ में बैनर थे, जिन पर लिखा था कथित आजाद कश्‍मीर में अपहरण और जबरन लोगों को गायब करवाना बंद करो और रावलपिंडी में एक रैली निकाली।

ये भी पढ़ें

बदले के वीडियो पर गरमाई राजनीति, बीजेपी पर कांग्रेस के 6 बड़े स्ट्राइक

पीओके में पकिस्तान के खिलाफ बढ़ता असंतोष

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में गिलगिट-बाल्टिस्तान क्षेत्र में आये दिन पाकिस्तान के विरोधी विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इस क्षेत्र में आतंकवादियों की बढ़ती गतिविधियों के खिलाफ पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर रावलकोट शहर में विरोध प्रदर्शन हुआ। स्थानीय निवासियों ने पाकिस्तानी हुक्मरानों को इस इलाके में अशांति और अस्थिरता फैलाने का दोषी ठहराया। इसके पहले भी इस साल मई में पाकिस्तान और इसकी गुप्त सेवा एजेंसियों के खिलाफ एक बड़ी विरोध रैली आयोजित की गई थी। पिछले साल दिसंबर में अवैध कराधान लगाने के लिए पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया गया था। लोगों का कहना है कि आतंकियों को पोषित करने के लिए पाकिस्तानी हुक्मरान आए दिन नीतियों में परिवर्तन करते रहते हैं।

अशांत है पीओके

बता दें कि पिछले महीने भी पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के निवासियों ने मुजफ्फराबाद शहर में भारी विरोध प्रदर्शन हुआ था। इस रैली में यह भी मांग की गई थी कि पाकिस्तान के प्रधान मंत्री शाहिद खकान अब्बासी की अध्यक्षता में आजाद कश्मीर परिषद समाप्त की जाय। प्रदर्शनकारियों ने प्रेस क्लब के बाहर खड़े आज़ाद कश्मीर परिषद के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने पीओके सरकार को कश्मीर परिषद की शक्तियों के पूर्ण हस्तांतरण की मांग की और 1974 के अंतरिम संविधान में संशोधन के लिए भी कहा। लोगों ने पीओके सहित गिलगित बाल्टिस्‍तान में जबररन अधिग्रहण को खत्‍म करने की मांग की। उन्‍होंने संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्‍ताव के तहत अपने क्षेत्र से तुरंत पाक सुरक्षा बलों की वापसी की मांग भी की।

ये भी पढ़ें

गिलगित-बाल्टिस्तान: मुख्य सचिव बाबर हयात तरार ने लोगों से टैक्स पर किए सवाल
Published on:
08 Jul 2018 09:26 am
Also Read
View All