विविध भारत

डाटा सुरक्षा विधेयक पर जन-सुझाव मांगने की सीमय सीमा बढ़ी अब 30 सितंबर तक बढ़ी

सरकार ने निजी डाटा सुरक्षा विधेयक के मसौदे पर जन-सुझाव मंगाने की समय-सीमा बढ़ा दी है।
2 min read
• •
Updated: 6 Sep 2018, 3:22 PM IST
Feature image

नई दिल्ली। सरकार ने निजी डाटा सुरक्षा विधेयक के मसौदे पर जन-सुझाव मंगाने की समय-सीमा 10 सितंबर से बढ़ाकर 30 सितंबर 2018 कर दी है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं दूरसंचार मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी किया। नोटिस के अनुसार, निजी डाटा सुरक्षा विधेयक का मसौदा मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है और मसौदे को लेकर लोग अपना सुझाव अब 30 सितंबर तक भेज सकते हैं।

लोग अपना सुझाव भेज सकते हैं मंत्रालय को

बता दें कि यह सुझाव मंत्रालय की पोर्टल पर भी जमा किया किया जा सकता है। इसके अलावा लोग डाक के जरिए भी अपने सुझाव भेज सकते हैं। डाटा की सुरक्षा को लेकर कानून बनाने के लिए सरकार ने इस विधेयक का मसौदा तैयार किया है। सरकार ने यह मसौदा न्यायमूर्ति बी. एन. श्रीकृष्ण की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट में की गई सिफारिशों के आधार तैयार किया है। गौरतलब है कि डाटा सुरक्षा पर समिति ने अपनी रिपोर्ट जुलाई में केंद्र सरकार को सौंपी थी। रिपोर्ट में निजी डाटा की सुरक्षा के उपायों को लेकर समिति ने अपनी सिफारिशें दी हैं।

यूआईडीएआई ने दावा किया था नहीं होगी सेंधमारी

बता दें कि यूनीक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया, यूआईडीएआई का दावा किया था कि आधार डाटा में सेंधमारी नहीं हो सकती, क्योंकि ये उच्चतम स्तर की सुरक्षा प्रणाली से लैस है। यूआईडीएआई का कहना है कि आधार नंबर हासिल हो जाने का मतलब ये नहीं कि नागरिक की व्यक्तिगत सूचना भी लीक हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सूचना का अहम बिंदु बायोमेट्रिक्स से जुड़ा है और उस तक पहुंचना, किसी व्यक्ति या एजेंसी या कंपनी के लिए आसान नहीं। लेकिन प्राधिकरण के दावे के बाद भी डाटा में सेंध के मामले सामने आए हैं।

Published on: