विविध भारत

शौचालय नहीं तो राशन नहीं: पुडुचेरी की लेफ्टिनेंट गवर्नर किरण बेदी ने वापस लिया विवादास्पद आदेश

मई 2016 में लेफ्टिनेंट गवर्नर बनने के बाद से किरण बेदी और कांग्रेस सरकार के बीच विभिन्न मुद्दों पर मतभेद रहे हैं।
2 min read
kiran bedi

पुदुचेरी। भारी आक्रोश के और राजनीतिक दलों से विरोध का सामना करने के बाद पुदुचेरी की लेफ्टिनेंट गवर्नर किरण बेदी ने शनिवार को ग्रामीणों को मुफ्त चावल की आपूर्ति को रोकने की धमकी देने वाली एक विवादास्पद घोषणा वापस ले ली। इस घोषणा में कहा गया था कि यदि गांव 31 मई के पहले शौचालय निर्माण के प्रमाण पत्र प्राप्त करने में नाकाम रहे तो उनको मुफ्त चावल नहीं दिया जाएगा।

इससे पहले किरण बेदी ने कहा था कि सरकार की मुफ्त चावल योजना स्थानीय इलाकों और कम्यून पंचायत आयुक्तों के इस प्रमाण के बाद ही ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित की जाएगी वे गांव कचरा और शौचालय मुक्त हैं। इस मामले में पुदुचेरी के मुख्यमंत्री नारायणस्वामी ने भी बेदी की निंदा की थी और कहा कि वह पुडुचेरी के निवासियों के मौलिक अधिकारों से खेल रही हैं।

हालांकि, आदेश वापस लेने के बाद, बेदी ने कहा कि ग्रामीण खुले स्थानों की कमी और मुफ्त चावल वितरण के साथ स्वच्छता को जोड़ने में उनकी दिशा का इरादा किसी को गरीब बनाने के लिए नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके स्वच्छता संबंधी आदेश को गलत तरीके से पढ़ने और सरकार द्वारा स्वच्छता की प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए कि पुदुचेरी के गांव जून के अंत तक ओडीएफ प्राप्त करेंगे, मुझे उन्हें कुछ और समय देने में खुशी होगी। इसलिए मैं अपने पहले के आदेश को स्थगित करती हूँ।' उन्होंने कहा कि मैं यहां गरीबों, उनके भोजन, स्वास्थ्य और पर्यावरण के हितों की रक्षा के लिए सबसे ऊपर हूं। और वे इसे जानते हैं। यही कारण है कि मैं पिछले दो वर्षों से हर सप्ताहांत ग्रामीण इलाकों में निरंतर दौरा कर रही हूं।

मई 2016 में लेफ्टिनेंट गवर्नर बनने के बाद से किरण बेदी और कांग्रेस सरकार के बीच विभिन्न मुद्दों पर मतभेद रहे हैं। पिछले साल 4 जुलाई को लेफ्टिनेंट गवर्नर द्वारा मनोनीत सदस्यों के रूप में तीन भाजपा सदस्यों को शामिल किया गया था, जिसके बाद कांग्रेस और उसके सहयोगी द्रमुक ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था।

Published on:
29 Apr 2018 02:41 pm
Also Read
View All