
नई दिल्ली। महाराष्ट्र की लातूर जिला परिषद ने बड़ा फैसला लिया है। वृद्ध माता-पिता की देखभाल न करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया गया है। दरअसल, जिला परिषद अपने वृद्ध माता-पिता की देखभाल न करने वाले सात कर्मियों के वेतन में से 30 फीसदी की कटौती करने की कार्रवाई करती है।
परिषद के अध्यक्ष राहुल बोंद्रे ने रविवार को जानकारी दी कि 12 कर्मियों के खिलाफ माता-पिता की उपेक्षा करने की शिकायत मिली थी और उनमें से छह कर्मी अध्यापक हैं। उन्होंने बताया कि इन कर्मियों का काटा गया वेतन उनके माता-पिता के बैंक खातों में भेज दिया गया है।
बीते साल नवंबर में लातूर जिला परिषद की महासभा ने इस तरह का फैसला लिया था। अपने माता-पिता की देखभाल न करने वाले कर्मियों के वेतन में 30 प्रतिशत की कटौती करने का एक प्रस्ताव पारित किया था। बोंद्रे के अनुसार दोषी कर्मियों के मासिक वेतन से कटौती बीते साल दिसंबर, 2020 से ही शुरू हो गई है।