
नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख से लगते वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत और चीन के बीच नए सिरे से डिसइंनगेजमेंट शुरू होने के बाद तनाव समाप्त होने के संकेत मिले हैं। साथ ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्यसभा को इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच एक समझौता हुआ है। इस समझौते में हमने कुछ खोया नहीं है।
वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने राज्यसभा में राजनाथ सिंह के बयानों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने ट्विट कर कहा कि एलएसी पर कोई यथास्थिति नहीं है। कोई शांति नहीं है। हकीकत यह है कि भारत सरकार हमारे जवानों के बलिदान का अपमान क्यों करा रही है?
ये है राजनाथ सिंह का बयान
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्यसभा में कहा था कि पैंगोंग लेक पर सैनिकों की वापसी को लेरक भारत के बीच समझौत हो गया है। दोनों देश एक साल पहले की स्थिति बहाल करने पर सहमत हुए हैं। दोनों देशों ने समझौतों के प्रावधानों का पालन करने के प्रति प्रतिबद्धता जताई है। इस समझौते में भारत ने कुछ भी नहीं खोया है।
फिंगर नंबर तीन से आठ तक नो पेट्रोलिंग जोन होगा। चीन के साथ हमारी निरंतर वार्ता से पैंगोंग झील के उत्तर और दक्षिण तट पर डिसइंगेजमेंट को लेकर समझौता हुआ है। इस समझौते के बाद भारत-चीन चरणबद्ध तरीके से सेना की तैनाती को हटाएंगे। चीन फिंगर आठ से पीछे हटेगा। साथ ही पैंगोंग इलाके के उत्तर-दक्षिण क्षेत्र में भी पीछे हटेगा।