यूपी और बिहार के लिए ट्रेनों की मांग सबसे ज्यादा दूसरे नंबर पर एमपी, ओडिशा और झारखंड रोजगार के लिए हिंदी हार्टलैंड से सबसे ज्यादा पलायन
नई दिल्ली। कोरोना वायरस ( coronavirus ) संकट के दौर में देश के अलग-अलग राज्यों में फंसे प्रवासी कामगारों ( Migrant Laborers ) की घर वापसी का काम जारी है। इस काम को कुशलतापूर्वक संपन्न करने के लिए रेलवे प्रशासन ( Railway Administration ) देश के अलग-अलग राज्यों में फंसे उत्तर प्रदेश ( Uttar Pradesh ) और बिहार ( Bihar ) के मजदूरों की घर वापसी के लिए चार में से तीन श्रमिक स्पेशल ट्रेन चला रहा है। इनमें से अधिकांश ट्रेनें पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार पहुंची हैं।
इससे साफ है कि हिंदी हार्टलैंड के इन दो राज्यों से सबसे ज्यादा लोग रोजगार ( Employment ) की तलाश में पलायन करते हैं। इनमें यूपी से 44 फीसदी और 30 फीसदी ट्रेंने बिहार के लिए चलाई जा रही हैं।
रेल प्रशासन ने रविवार दोपहर तक 366 श्रमिक स्पेशल ट्रेंनों का संचालन किया है। इनमें 287 ट्रेंनों अपने गंतव्य तक पहुंच चुकी हैं। रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक यूपी और बिहार के बाद मध्य प्रदेश, ओडिशा और झारखंड से रोजगार की तालश में सबसे ज्यादा लोग पलायन करते हैं। इन राज्यों के प्रवासी मजदूरों के लिए जरूरत के हिसाब से ट्रेनों का परिचालन जारी है।
इस बीच रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि रेल प्रशासन प्रवासी मजदूरों को घर तक पहुंचान के लिए हर रोज 300 ट्रेंनों का संचालन करने के लिए तैयार है। इसके लिए उन्होंने राज्य सरकारों से डिमांड भेजने की अपील की है। ताकि अलग-अलग राज्यों में फंसे मजदूरों, छात्रों व पर्यटकों की घर वापसी 3 से 4 दिनों सुनिश्चित करना संभव हो सके।
रेल मंत्री पीयूष गोयल ( Railway Minister Piyush Goyal ) यह बयान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उस बयान के एक दिन बाद आया है जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर ट्रेनों को पश्चिम बंगाल में प्रवेश न करने देने का आरोप लगाया है।