पांच सांसदों में से तीन राज्यसभा व दो लोकसभा में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
- राजेन्द्रसिंह देणोक
नई दिल्ली। देश में संभवत: पाली एक मात्र ऐसा जिला है, जिसके 5 जनप्रतिनिधियों को लोकसभा तथा राज्यसभा में एक साथ प्रतिनिधित्व का मौका मिला है। किसी एक ही क्षेत्र से पांच सांसदों का यह संयोग मारवाड़-गोडवाड़ के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लोकसभा के दो और राज्यसभा के तीन सांसदों का जुड़ाव पाली से है। इनमें 4 सांसद भाजपा तथा एक कांग्रेस पार्टी से हैं। कोई यहां का जन्मा है तो किसी के पूर्वज यहां के हैं।
अश्विनी वैष्णव, केन्द्रीय रेल मंत्री
ओड़िशा कैडर के पूर्व आईएएस अश्विनी वैष्णव ओडिशा से राज्यसभा सदस्य हैं। हाल ही में मोदी मंत्रिमंडल में उन्हें रेल और आईटी जैसे महत्वपूर्ण विभागों का जिम्मा सौंपा गया है। वे मूल रूप से पाली जिले के जीवंदकला गांव के रहने वाले हैं।
पी.पी. चौधरी, सांसद
पेश से अधिवक्ता पी. पी. चौधरी मूलरूप से जोधपुर जिले के भावी गांव के बाशिंदे हैं। पाली लोकसभा से दूसरी बार सांसद हैं। पिछले कार्यकाल में मोदी मंत्रिमंडल में भी शामिल रहे हैं। वर्तमान में लोकसभा की कुछ कमेटियों का भी प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
ओम माथुर, राज्यसभा सदस्य
ओम माथुर राज्यसभा सदस्य हैं। वे भाजपा के पुराने राजनीतिज्ञ हैं। प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष समेत भाजपा संगठन में कई उच्च पदों पर रहे हैं। संघ से भी उनका लंबा जुड़ाव रहा है। वे मूलत: बाली के निकट बेडल गांव के निवासी हैं।
नीरज डांगी, राज्यसभा सदस्य
नीरज डांगी वर्तमान में राज्यसभआ सदस्य हैं। वे पाली जिले में देसूरी के निवासी हैं। वे कांग्रेस के नेता हैं और संगठन में प्रदेश महासचिव समेत कई पदों पर रहे हैं। इनके पिता दिनेश डांगी भी प्रदेश की सरकार में राज्यमंत्री रहे हैं। पैतृक गांव से उनका पूरा जुड़ाव रहता है।
सुनील सोनी, छत्तीसगढ़ से लोकसभा सांसद
सुनील सोनी वर्तमान में रायपुर से लोकसभा सदस्य हैं। वे सोजत उपखंड के बगड़ी गांव के मूल निवासी हैं। इनके पिता ने व्यापार के सिलसिले में छत्तीगढ़ को अपनी कर्मस्थली बनी लिया। सांसद सोनी कई बार अपने गांव आए हैं।