रक्षा मंत्री ( rajnath singh ) ने की भारतीय वायु सेना कमांडर कॉन्फ्रेंस ( Indian Air Force Commander Conference ) की अध्यक्षता। राजनाथ ( Defence Minister Rajnath Singh ) ने बालाकोट एयर स्ट्राइक की सराहना करते हुए कहा कि इससे दुश्मनों को कड़ा संदेश मिला। भारत-चीन सीमा विवाद ( India-China standoff ) को लेकर वायुसेना ( Indian Air Force ) से हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा।
नई दिल्ली। केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ( Defence Minister Rajnath Singh ) ने चीन के साथ सीमा पर तनावपूर्ण हालात ( India-China standoff ) के बीच बुधवार को भारतीय वायुसेना ( Indian Air Force ) की सामरिक क्षमताओं और अग्रिम ठिकानों पर तैनाती की समीक्षा की। राजनाथ ने बुधवार को दिल्ली में वायुसेना कमांडरों के सम्मेलन ( Indian Air Force Commander Conference ) के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए वायुसेना से यह अनुरोध किया कि वायुसेना चीन की सीमा पर किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहे।
राजनाथ ( rajnath singh ) ने आईएएफ के सक्रिय कदम की सराहना करते हुए कहा कि आईएएफ ने बालाकोट में जिस पेशेवर तरीके से एयर स्ट्राइक की थी और पूर्वी लद्दाख में मौजूदा हालात के जवाब में अग्रिम ठिकानों पर आईएएफ ने तैनाती की, उससे देश के दुश्मनों को एक कड़ा संदेश गया है।
सिंह ने कहा कि पूरे देश की रक्षा का संकल्प उस विश्वास पर टिका है, जो देश के लोग अपने सशस्त्र बलों की क्षमता पर करते हैं। उन्होंने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सैनिकों को हटाने के लिए जारी प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने ये भी कोरोना वायरस महामारी के प्रति राष्ट्र की प्रतिक्रिया में योगदान और कई मानवीय सहायता और आपदा राहत मिशनों के दौरान निभाई गई भूमिका के लिए आईएएफ की सराहना की।
राजनाथ ने ये भी कहा कि देश ने रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल की। इस वर्ष एयर फोर्स कमांडर्स कॉन्फ्रेंस के लिए चुना गया थीम 'आईएएफ इन नेक्स्ट डिकेड' आने वाले दिनों में स्वदेशीकरण की दिशा में प्रयासों को बढ़ाने के बहुत अनुरूप है।
राजनाथ ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की नियुक्ति और सैन्य मामलों का विभाग बनाए जाने के बाद से तीनों सेनाओं के बीच एकता बढ़ाने की दिशा में सराहना की। सिंह ने नैनो टेक्नॉलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर और अंतरिक्ष डोमेंस में उभरती क्षमताओं को अपनाने में वायुसेना की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कमांडरों से कहा कि सशस्त्र बलों की सभी जरूरतें पूरी की जाएंगी।
इस दौरान वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ( Air Chief Marshal RKS Bhadoria ) ने कहा कि आईएएफ दुश्मनों की किसी भी आक्रामक कार्रवाई का संक्षिप्त समय में जवाब देने के लिए अच्छी तरह तैयार है।
तीन दिनों के इस सम्मेलन के दौरान वायुसेना कमांडर मौजूदा सामरिक परिदृश्य और तैनातियों की समीक्षा करेंगे, और उसके बाद सभी उभरते खतरों से निपटने के लिए अगले दशक में आईएएफ की क्षमता विकसित करने पर चर्चा करेंगे।