मुंबई में राजनाथ सिंह ने दिखाई हरी झंडी 300 किलोमीटर दूर स्थित दुश्मन के जहाज को नष्ट करने की क्षमता आईएनएस खंडेरी भारत की दूसरी स्कार्पियन-वर्ग की मारक पनडुब्बी है
नई दिल्ली। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में आज पनडुब्बी खंडेरी नौसेना के बेड़े में शामिल हुई। साइलंट किलर के नाम से चर्चित आईएनएस खंडेरी समंदर में दुश्मन पर सबसे पहले प्रहार करने वाली डीजल- इलेक्ट्रिक पनडुब्बी है।आईएनएस खंडेरी इसके नौसेना के बेड़े में शामिल होने के बाद समंदर में दुश्मन भारत की ओर आंख उठाकर देखने की हिम्मत नहीं करेगा। पनडुब्बी के नौसेना के शामिल होने से सागर में नौसेना की ताकत और बढ़ गई है।
26/11 जैसी साजिश कामयाब नहीं होगी
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को मुंबई में पनडुब्बी को हरी झंडी दिखाई। उसके बाद नौसेना के बेड़े में शामिल किया गया। INS खंडेरी को नौसेना में शामिल करने के बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि नौसेना को मजबूत करने में कोई कसर नहीं छोडोंगे। इस दौरान पड़ोसी देश पाकिस्तान पर भी तंज कसा।
राजनाथ सिंह ने कहा कि इस दौरान कुछ ऐसी ताकतें हैं जिनकी हसरते नापाक हैं। वो आज भी साजिश रच रहे हैं कि समंदर के रास्ते आकर मुंबई के 26/11 जैसे अटैक कर सके। लेकिन उनके इरादे किसी भी सूरत में कामयाब नहीं होंगे। अरब और हिंद महासागर की अनदेखी नहीं कर सकते हैं।
आईएनएस खंडेरी भारत की दूसरी स्कार्पियन-वर्ग की मारक पनडुब्बी है, जिसे पी-17 शिवालिक वर्ग के युद्धपोत के साथ नेवी में शामिल किया गया। आईएनएस खंडेरी के नौसेना में शामिल होने से भारत की नेवी की क्षमता में तेजी से बढ़ोतरी होगी।
45 दिनों तक पानी में रहने की क्षमता
आईएनएस खंडेरी पन्डुब्बी पानी के भीतर 45 दिनों तक रह सकती है। स्वदेशी निर्मित पनडुब्बी एक घंटे में 35 किलोमीटर की दूरी आसानी से तय करने में सक्षम है। पनडुब्बी का कुल वजन 1550 टन है। इसमें 36 से अधिक नौसैनिक रह सकते हैं।
एक ही बार में 12 हजार किमी का सफर
नौसेना के अधिकारी के मुताबिक एक बार पानी में जाने के बाद खंडेरी 12 हजार किलोमीटर तक का सफर तय कर सकती है। खंडेरी बैटरी पर चलने वाली पनडुब्बी है। लंबे समय तक पानी में रहने के लिए इसमें 750 किलो की 362 बैटरी लगाई गई हैं। बैटरी को चार्ज करने के लिए जनरेटर भी लगाए गए हैं। आईएनएस खंडेरी में रडार, इंजन समेत इसमें छोटे बड़े 1000 से ज्यादा उपकरण लगे हैं। इसके बावजूद बगैर आवाज किए यह पानी में चलने वाली विश्व की सबसे शांत पनडुब्बियों में से एक है।