
नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ( RBI Governor Shaktikanta Das ) ने आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए Loan moratorium 3 महीने के लिए बढ़ा दिया है। अब देश के लोगों अगस्त महीने तक EMI चुकाने पर से राहत मिल जाएगी। वहीं दूसरी राहत यह है कि नीतिगत ब्याज दर ( Interest Rates ) में बड़ी कटौती कर दी है। RBI Governor ने कहा Repo Rate में 0.40 फीसदी की कटौती कर आम जनता की EMI में राहत दी है। वहीं Reverse Repo Rate को कम कर 3.75 फीसदी कर दिया है। आपको बता दें कि RBI Governor की लाॅकडाउन पीरियड में तीसरी प्रेस कांफ्रेंस है। जिसमें राहतों की घोषणा की है।
Repo-Reverse Repo में बड़ी कटौती
शक्तिकांत दास ने रेपो रेट 0.40 फीसदी कटौती कर फीसदी कर दिया है। गवर्नर के अनुसार एमपीसी की बैठक में 6 में से 5 सदस्यों ने ब्याज दरों में कटौती करने के पक्ष में वोट किया। रिजर्व बैंक के इस कदम के बाद होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन आदि ईएमआई सस्ती हो जाएंगी।
पिछले कई दिनों से इस बात की चर्चा है कि रिजर्व बैंक लोन के मोराटोरियम से जुड़ी राहत को तीन महीने यानी अगस्त तक के लिए बढ़ा सकता है। फिलहाल मार्च से लेकर मई तक के लिए लोन के मोराटोरियम की अवधि ( Moratorium period ) की सुविधा दी जा चुकी है। इस सुविधा का कई ग्राहक लाभ ले भी चुके हैं। इस बात की मांग उद्यमियों ने हाल ही में की थी। उद्यमियों का कहना है कि इससे कंपनियों को लॉकडाउन के प्रभाव से राहत मिल सकती है।
आरबीआई गवर्नर अर्थव्यवस्था में COVID-19 प्रभाव का मुकाबला करने के लिए सरकार द्वारा घोषित हालिया आर्थिक पैकेज पर भी नीतिगत बयान दे सकते हैं। इस संभावना इसलिए भी है कि COVID-19 आर्थिक पैकेज ( Economic Package ) के हिस्से के रूप में नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार ने ऋण योजनाओं की एक श्रृंखला की घोषणा की है। कुछ मामलों में सरकार द्वारा छोटी औद्योगिक इकाइयों और गैर-बैंकिंग वित्त कंपनियों ( NBFC ) को गारंटी दी गई है।
इससे पहले आरबीआई ने 27 अप्रैल को एलान कर म्यूचुअल फंड निवेशकों को स्पेशल लिक्विडिटी फैसिलिटी ( Special Liquidity Facility ) के तहत 50 हजार करोड़ रुपए देने का एलान किया था। वहीं 17 अप्रैल को भी आरबीआई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और इसमें एनबीएफसी और सूक्ष्म वित्त संस्थानों ( MFI ) के लिए 50 हजार करोड़ रुपए के लक्षित एलटीआरओ ( Targetes LTRO ) की घोषणा की थी। इसके साथ नाबार्ड, सिडबी और राष्ट्रीय आवास बैंक के लिए 50 हजार करोड़ रुपए की विशेष व्यवस्था की थी।
पहले के फैसलों के तहत नाबार्ड को 25,000 करोड़ रुपए, नेशनल हाउसिंग बैंक को 10 हजार करोड़ रुपए और SIDBI को 15 हजार करोड़ रुपये की मदद का एलान किया गया था। इसके अलावा आरबीआई ने रिवर्स रेपो रेट ( RR Rate ) 0.25 फीसदी घटाकर 3.75 फीसदी कर दिया था।
आपको बता दें कि देश में कोरोना वायरस के चलते दो महीने से लॉकडाउन चल रहा है और भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसका बड़ा नकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। अर्थव्यवस्था को चलाने और लोगों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से कुल 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज का एलान किया जा चुका है।इसमें आरबीआई द्वारा पहले के उठाए गए कदम भी शामिल हैं।