
नई दिल्ली। म्यांमार के रोहिंग्या प्रकरण को लेकर अब सियासी हलचल तेज होती जा रही है। असुद्दीन औवेसी के बाद अब वेस्ट बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर केन्द्र के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ममता बनर्जी ने रोहिंग्या मुसलमानों का खुलकर समर्थन करते हुए कहा कि रोहिंग्या इंसान हैं आतंकवादी नहीं और केन्द्र सरकार को उनकी मदद करनी चाहिए। ममता ने ट्वीट कर लिखा, ' हम लोग संयुक्त राष्ट्र की उस अपील का समर्थन करते हैं, जिसमें रोहिंग्या मुसलमानों को सहायता दिए जाने की बात कही गई है। उन्होंने यह भी लिखा है कि सभी रोहिंग्या आतंकवादी नहीं हैं बल्कि आम इंसान हैं, हम इस बारे में चिंतित हैं।
गृह मंत्री ने किया किनारा
वहीं, केन्द्र सरकार ने इस मसले पर अधिक कुछ बोलने से इनकार किया है। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि सरकार 18 सितंबर को रोहिंग्या शरणार्थियों के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में अपना रुख पेश करेगी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस स्वदेश भेजने को लेकर आई सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सोमवार को दिन मुकर्रर किया है। इधर म्यांमार और बांग्लादेश सीमा से लगे भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में रोहिंग्या मुसलमानों को देश में प्रवेश से रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। बता दें कि शुक्रवार 15 सितंबर को एक सभा में ओवैसी ने कहा कि भारत में बांग्लादेश के चकमा निवासी, श्रींलका के तमिल रिफ्यूजी, और तिब्बत में चीन के सताये कई बौद्ध रिफ्यूजी रह रहे हैं तो रोहिंग्या मुसलमानों को भारत शरण क्यों नहीं दे सकता है।
म्यांमार से लगती है 1643 किलोमीटर लंबी सीमा रेखा
बता दें कि म्यांमार की सीमा से भारत की 1643 किलोमीटर लंबी सीमा रेखा लगती है। इसमें से 16 किलोमीटर का फ्री जोन है।
इनमें --
- अरुणाचल प्रदेश - 520 किलोमीटर
- मणिपुर - 398 किलोमीटर
- मिजोरम - 510 किलोमीटर
- नागालैंड - 215किलोमीटर