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राम मंदिर के लिए RSS का चार चरण में आंदोलन, दिल्ली-यूपी और हरियाणा में होंगी ताबड़तोड़ रैलियां

ये आंदोलन पूरे देश में चार चरणों में होगा और इसकी शुरुआत 25 नवंबर से अयोध्या में हो रही है, जहां वीएचपी और शिवसेना के अलावा भारी संख्या में साधु संतों की महासभा है।

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RSS on Ram Mandir
RSS on Ram Mandir

नई दिल्ली। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले राम मंदिर का मुद्दा एक बार फिर से देश की सियासत में गर्माने लगा है। जहां एक तरफ अयोध्या में आज से शिवसेना, विश्व हिंदू परिषद और देश के कोने-कोने से आए साधु-संतों का जमावड़ा लग रहा है तो वहीं आरएसएस भी राम मंदिर के लिए बड़े स्तर पर एक आंदोलन की शुरुआत करने वाला है। ये आंदोलन पूरे देश में चार चरणों में होगा और इसकी शुरुआत 25 नवंबर से अयोध्या में हो रही है, जहां वीएचपी और शिवसेना के अलावा भारी संख्या में साधु संतों की महासभा है।

1990 में आडवाणी जी के आंदोलन की याद दिलाएगा संघ का आंदोलन!

आरएसएस के इस आंदोलन में विश्व हिंदू परिषद और साधु संत भी शामिल होंगे। संघ के इस आंदोलन को राम मंदिर निर्माण की दिशा में काफी अहम पहल माना जा रहा है। इस आंदोलन को 1990 में लालकृष्ण आडवाणी की अगुवाई में राम जन्मभूमि आंदोलन से जोड़ा जा रहा है, जिस तरह आडवाणी जी ने उस समय मस्जिद विध्वंस के लिए बड़ा आंदोलन चलाया था, ठीक उसी तरह संघ का ये आंदोलन मंदिर निर्माण के लिए होगा।

रविवार को अयोध्या से हो रही है संघ के आंदोलन की शुरुआत

माना जा रहा है कि संघ का ये आंदोलन बीजेपी के कई शीर्ष अधिकारियों के साथ हुई मीटिंग के बाद किया जा रहा है। इस आंदोलन से पहले संघ के बड़े पदाधिकारियों ने कई बड़े शहरों का दौरा किया है। इस आंदोलन के जरिए सरकार पर राम मंदिर निर्माण के लिए दबाव बनाया जाएगा। वैसे तो इस आंदोलन की शुरुआत रविवार को ही अयोध्या, नागपुर और बेंगलुरू में जनसभा के साथ हो जाएगी, लेकिन दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी महारैली के साथ इसका औपचारिक आगाज होगा।

संघ के आंदोलन के चार चरण

- संघ के आंदोलन का पहला चरण कल अयोध्या से ही शुरू हो रहा है। अयोध्या में कल एक बड़ी महासभा है, जिसमें विश्व हिंदू परिषद साधु-संतों के साथ देशभर में छोटी-बड़ी धर्म सभा का आयोजन करेगा। इस तरह से देशभर में 153 धर्म सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इसमें 3 सबसे बड़ा आयोजन अयोध्या, नागपुर और बेंगलुरू में आयोजित किया जाएगा, जहां लाखों की संख्या में लोगों के आने की उम्मीद है।

- वहीं इस आंदोलन के दूसरे चरण में सभी सांसदों पर राम मंदिर के लिए दबाव बनाया जाएगा। दरअसल, साधु संतों की एक टीम हर संसदीय क्षेत्र में जाकर वहां के सांसद को मंदिर से संबंधित एक ज्ञापन सौंपेंगे। साथ ही इस कोशिस के जरिए मोदी सरकार भी राम मंदिर के कानून बनाने का दबाव डालने की कोशिश की जाएगी।

- संघ के आंदोलन का तीसरा चरण बेहद ही खास होगा। इस चरण में विश्व हिंदू परिषद और आरएसएस देश के कई इलाकों में ताबड़तोड़ रैलियां और जनसभाएं करेंगी। 9 दिसंबर को राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में इसी से संबंधित एक विशाल जनसभा आयोजित की जाएगी। दिल्ली के अलावा यूपी, हरियाणा में भी विशाल रैलियां होंगी।

- चौथे चरण में 18 दिसंबर से वीएचपी राष्ट्रव्यापी पूजा-अर्चना और हवन कार्यक्रम चालएगी।

Published on:
24 Nov 2018 04:07 pm