राम रहीम करवाचौथ पर अपनी साध्वियों से व्रत रखवाता था।
नई दिल्ली। आमतौर पर पत्नियां अपने पति के लिए करवाचौथ का व्रत रखती हैं लेकिन डेरा सच्चा सौदा आश्रम में इसका उल्टा होता था। बलात्कारी बाबा राम रहीम अपनी साध्वियों और आश्रम में रहने वाली लड़कियों से करवाचौथ का व्रत रखवाता था। वहीं अपनी पत्नी और बेटियों को राम रहीम करवाचौथ का व्रत रखने की इजाजत नहीं देता था।
डेरे के पूर्व अनुयायी का खुलासा
एक निजी समाचार चैनल के मुताबिक डेरे के पूर्व अनुयायी भूपेंद्र सिंह ने खुलासा किया है कि करवाचौथ की तरह राम रहीम ने एक अलग व्रत बना रखा था। इस व्रत को लेकर अपने अनुयायियों को राम रहीम बताता था कि एक दिन खाना नहीं खाने से हजारों भूखे लोगों को खाना मिल सकता है। इसके लिए वो अपने अनुयायियों से करोड़ों रुपये का दान भी लेता था। इसके लिए एक कार्यक्रम का भी आयोजन होता था। भूपेंद्र के मुताबिक इस व्रत और कार्यक्रम का मकसद साफ तौर पर अनुयायियों से दान लेना था।
ये था राम रहीम का तर्क
राम रहीम अपने साध्वियों से कहता था कि एक साधारण इंसान यानि की अपने पति के लिए व्रत रखने से कुछ नहीं होगा। आपको भगवान और गुरु के लिए व्रत रखना चाहिए। इससे संबंधित राम रहीम का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
साध्वियां कैसे तोड़ती थीं व्रत?
भूपेंद्र के मुताबिक अनुयायियों को दान का सामान डेरे से खरीदने के लिए कहा जाता था। डेरा प्रबंधन लोगों से सामान का दाम बाजार के दाम से कई गुना ज्यादा वसूल करता था। डेरे में सभी साध्वियां और अनुयायी राम रहीम के दर्शन के बाद अपना व्रत तोड़ती थी। वहीं विदेशों में जो भक्त थे वो वीडियो चैट के जरिए राम रहीम के दर्शन करते थे।
20 साल की सजा काट रहा है राम रहीम
राम रहीम को पंचकुला की स्पेशल सीबीआई अदालत ने बलात्कार के केस में दोषी मानते हुए 20 साल की सजा सुनाई थी। राम रहीम के जेल जाने के बाद पंजाब और हरियाणा में बड़े पैमाने पर हिंसा फैली थी। इस हिंसा में 38 से ज्यादा लोग मारे गए थे जबकि 300 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।