फिल्म 'लवयात्री' के निर्माता सलमान खान की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने इस मामले पर बृहस्पतिवार को ही सुनवाई करने का फैसला लिया है।
नई दिल्ली।सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को निर्देश दिए हैं कि फिल्म 'लवयात्री' के निर्माता मान खान वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ देश के किसी भी हिस्से में कोई जबरन कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने इस मामले पर बृहस्पतिवार को ही सुनवाई करने का फैसला लिया है।
सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के समक्ष बृहस्पतिवार को सलमान खान के वकील निजाम पाशा ने याचिका दायर की। इसके बाद चीफ जस्टिस ने मामले की सुनवाई आज ही करने पर सहमति जताई है। कुछ वक्त पहले जब यह मामला सुप्रीम कोर्ट के पास पहुंचा तो अदालत ने आदेश दे दिया कि अब इस फिल्म का निर्माण कराने वालों के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज न की जाए और न ही दंडात्मक कार्रवाई हो।
इससे पहले चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह माना था कि आगामी 5 अक्टूबर को यह फिल्म देशभर में रिलीज होने वाली है और फिल्म को सेंसर बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) ने भी रिलीज की मंजूरी दे दी है। बावजूद इसके इस फिल्म के खिलाफ बिहार में एक एफआईआर दर्ज की गई है जबकि गुजरात के वडोदरा में भी एक आपराधिक मामला लंबित है।
सुप्रीम कोर्ट में दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने फिल्म निर्माता सलमान खान की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि फिल्म के नाम और फिल्म की सामग्री से संबंधित किसी भी मामले को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। बता दें कि फिल्म 'लवयात्री' को लेकर कई आपराधिक शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं और दलील दी जा रही है कि इस फिल्म का नाम धार्मिक भावनाओं का आहत पहुंचाने वाला है।
गौरतलब है कि बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान के फिल्म निर्माण बैनर तले बनने वाली इस फिल्म का पहले नाम 'लवरात्रि' था, लेकिन बाद में इसे बदलकर 'लवयात्री' कर दिया गया। इसके नाम बदलने के पीछे की वजह हिंदू धार्मिक त्योहार 'नवरात्रि' से इसका मिलता-जुलता नाम होना था।