बीजेपी नेताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर नो एक्शन का आदेश। ममता बनर्जी चाहते हुए भी बीजेपी नेताओं के खिलाफ नहीं ले पाएंगी एक्शन।
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में ममता सरकार की समस्याएं कम होने की उम्मीद बहुत कम है। ऐसा इसलिए कि भारतीय जनता पार्टी की एक याचिका पर सुनवाई के बाद पश्चिम बंगाल इकाई के नेताओं शीर्ष अदालत ने बड़ी राहत दी है। सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी के नेताओं के खिलाफ दर्ज FIR मामले में नो कार्रवाई का आदेश दिया है।
4 सप्ताह के अंदर जवाब दाखिल करने का आदेश
शीर्ष अदालत ने बीजेपी नेता मुकुल रॉय, राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और सांसद अर्जुन सिंह की याचिका पर पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने बीजेपी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई पर अगले आदेश तक रोक भी लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र, सीबाआई व अन्य को भी नोटिस जारी किया है। चार सप्ताह के अंदर नोटिस का जवाब देने को कहा गया है।
बीजेपी के सांसद अर्जुन सिंह पर 64 केस दर्ज
बीजेपी सांसद अर्जुन सिंह के वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि उन्होंने जबसे टीएमसी छोड़ी तबसे 64 केस दर्ज किए गए हैं। सिंह ने अपनी याचिका में कहा है कि मैं सांसद हूं और मेरे खिलाफ दंगा भड़काने के मुकदमें दर्ज कराए गए, जो राजनीति से प्रेरित है। कैलाश विजयवर्गीय की तरफ से कहा गया कि मैं एमपी से सांसद हूं पार्टी पदाधिकारी हूं। जबसे पश्चिम बंगाल प्रचार के लिए जाने लगा उसके बाद मेरे खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाने लगे। इसी तरह ममता सरकार पर कई अन्य नेताओं ने परेशान करने के लिए केस दर्ज करने का आरोप लगाया।