देश में कोरोना वायरस महामारी ( Coronavirus in India ) के बीच सुप्रीम कोर्ट ( Supreme court ) ने विमानन कंपनियों (Airlines Company) को बड़ी राहत प्रदान की है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा कि अब विमान कंपनियों (Airlines Company) को हवाई जहाज में बीच की सीट खाली छोड़ने की जरूरत नहीं
नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस महामारी ( Coronavirus in india ) के बीच सुप्रीम कोर्ट ( Supreme court ) ने विमानन कंपनियों ( Airlines Company) को बड़ी राहत प्रदान की है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) ने एक बड़ा फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में कहा कि अब विमानन कंपनियों को हवाई जहाज में बीच की सीट ( Middle seat ) खाली छोड़ने की जरूरत नहीं है।
हालांकि सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट ( Bombay high court ) के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए यात्रियों के स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय लागू किए गए थे। लेकिन जस्टिस संजय किशन कौल और भूषण गवई की बेंच ने एयर इंडिया ( Air India ) और दूसरी घरेलू विमानन कंपनियों लिए बीच की सीट पर कब्जा करने की अनुमति देने वाले आदेश को खारिज कर दिया।
आपको बता दें कि 31 मई को को घोषित विमानन नियामक DGCA के फैसले के विरूद्ध पायलट ने सुप्रीम कोर्ट में एक विशेष अवकाश याचिका दायर की थी। इस याचिका में विमानन कंपनियों को उड़ान के समय बीच वाली सीटें बेचने की अनुमति देने की बात कही गई थी। अभी तक के नियमों में विमानन कंपनियों को फ्लाइट में बीच की सीट खाली रखने की बात कही गई थी।
गाइडलाइन में यह भी कहा गया था कि अगर हवाई जहाज में यात्रा के समय बीच की सीट खाली रखना बिल्कुल संभव नहीं हो, तो यात्रियों की सुरक्षा के लिए उनको गाउन आदि की देने की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही एक फैमिली मेंबर्स को एक साथ बैठे की भी इजाजत दी जाए। इसके अलावा सभी यात्रियों को फेस कवर, फेस शील्ड, सैनिटाइजर व सुरक्षा किट आदि देने की भी व्यस्था की जाए।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों की मानें बीते 24 घंटों में कोरोना वायरस के 17,296 मामले सामने आए हैं। एक दिन में कोरोना मरीजों का यह आंकड़ा अब तक सर्वाधिक बताया गया है। जानकारी के अनुसार देश में फिलहाल 1,89,463 लोग संक्रमित हैं। जबकि 2,85,636 लोग स्वस्थ हो गए हैं।