ये गंगा मैया की ही देन समझिए कि हम सभी को स्वच्छ रखने के लिए वे कभी अस्वच्छ नहीं होती।
नई दिल्ली। मानो तो गंगा न मानो तो बहता पानी। लेकिन अब उन लोगों को भी बहते पानी को गंगा मानना ही पड़ेगा। क्योंकि गंगा का पानी न सिर्फ कभी खराब होता है बल्कि इसके कई फायदे भी हैं। आप ये तो जानते ही होंगे कि अपने घर में इस्तेमाल होने वाली पूजा सामग्री इकट्ठा करके गंगा में ही डालते हैं। आपको एक तरफ तो आस्था का ख्याल रहता है लेकिन दूसरी ओर आप आस्था को ही गंदा कर रहे हैं।
इसके अलावा गंगा में तमाम गंदे नालों का पानी, शव और न जाने क्या-क्या नहीं फेंका। लेकिन ये गंगा मैया की ही देन समझिए कि हम सभी को स्वच्छ रखने के लिए वे कभी अस्वच्छ नहीं होती। गंदगी की वजह से गंगा में करोड़ों प्रकार के कीटाणु भी जन्म लेते हैं, लेकिन चमत्कार तो देखिए गंगा मैया का वे कुछ नहीं बिगाड़ सकते।
चलिए अब हम आपको बताते हैं कि ये चमत्कार होता कैसे है। ये बात तो आप जानते ही होंगे कि गंगा के निर्मल जल के लिए वैज्ञानिक कितना परेशान रहते हैं। वैज्ञानिक इतने परेशान थे कि गंगा का पानी आखिर गंदा क्यों नहीं होता। इसी कड़ी में वैज्ञानिकों ने गंगा के निर्मल होने के पीछे का राज़ जान ही लिया है। दरअसल वैज्ञानिकों द्वारा गंगा के पानी पर किए गए एक स्टडी में हैरान कर देने वाला खुलासा हुआ है।
बता दें कि गंगा के सर्वदा स्वच्छ रहने के लिए प्रकार का वायरस ज़िम्मेदार है। वैज्ञानिकों ने माना है कि गंगा में ये खास तरह का वायरस है, जो इसे कभी खराब नहीं होने देता। जिसकी वजह से गंगा मैया का पवित्र जल हमेशा स्वच्छ रहता है। इसके साथ ही वैज्ञानिकों ने बताया कि वायरस की वजह से ही गंगा के पानी को सालों-साल किसी बोतल में रखने से भी इसमें न तो कोई खराबी आती है और न ही किसी प्रकार की कोई दुर्गंध आती है।