
नई दिल्ली। किसानों के प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने रविवार को कहा कि देश की आजादी के बाद से पहली बार ऐसी ‘अहंकारी’ सरकार सत्ता में पहुंची है। इसे अन्नदाताओं की ‘पीड़ा’ दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने नए कृषि कानूनों को बिना शर्त के वापस करने की मांग की है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने एक बयान में कहा कि ‘लोकतंत्र में जनभावनाओं की उपेक्षा करने वाली सरकारें और उनके नेता लंबे समय तक टिक नहीं सकते हैं। अब यह साफ है कि मौजूदा मोदी सरकार की ‘थकाओ और भगाओ’ की नीति के सामने आंदोलनकारी धरती पुत्र किसान मजदूर घुटने टेकने वाले नहीं हैं।’
सोनिया ने कहा कि ‘अब भी समय है कि मोदी सरकार सत्ता के अहम को छोड़कर किसानों की शर्त को तत्काल मान ले। इसके साथ बिना किसी शर्त के तीनों काले कानून वापस ले। इस तरह से ठंड एवं बारिश में दम तोड़ रहे किसानों का आंदोलन को खत्म करवाए। यही राजधर्म है और दिवंगत किसानों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि भी।’ उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को याद रखना चाहिए कि लोकतंत्र का अर्थ ही जनता एवं किसान-मजदूरों के हितों की रक्षा करने का प्रयत्न करना।