Lockdown-5 में शॉपिंग मॉल, धर्मस्थल और बाजार के समय बढ़ाने को लेकर राहत मिल सकती है। Delhi Government स्कूल और कॉलेज, सिनेमाघरों को अभी खोलने के पक्ष में नहीं है। गोवा के सीएम ने जिम और होटल खोलने की इजाजत देने की मांग की।
नई दिल्ली। देशभर में लॉकडाउन का चौथा चरण 31 मई को पूरा होने जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकारें लॉकडाउन ( Lockdown ) के पांचवें चरण को अंतिम रूप देने में जुटी हैं। कुछ राज्य 1 जून से ज्यादा रियायत देने के पक्ष में तो कुछ राज्यों की सरकारें कंडीशन के साथ लॉकडाउन को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
गोवा, हरियाणा समेत कई राज्य कुछ रियायतों के साथ लॉकडाउन बढ़ाना चाहते हैं। जानकारी के मुताबिक अगले चरण में दिल्ली को शॉपिंग मॉल, धर्मस्थल और बाजार के समय बढ़ाने को लेकर राहत मिल सकती है। दिल्ली सरकार ( Delhi Government ) के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इसके लिए प्रदेश सरकार एक प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजेगी।
दिल्ली सरकार स्कूल और कॉलेज, सिनेमाघरों को अभी खोलने के पक्ष में नहीं है। सैलून खोलने पर उसके निगरानी और सोशल डिस्टेंसिंग ( Social Distancing ) के पालन कराने को लेकर एकमत नहीं है। शनिवार को इस पर फिर चर्चा होगी। उसके बाद केंद्र को सुझाव भेजे जाएंगे।
वहीं मनोहर लाल खट्टर की कैबिनेट में हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ( Health Minister Anil Vij ) ने शुक्रवार को कहा कि अधिक छूट देने से मामले बढ़ सकते हैं क्योंकि अभी जिस पड़ाव पर कोरोना वायरस ( coronavirus ) का प्रकोप जारी है उसे देखते हुए लॉकडाउन बढ़ाया जाना चाहिए।
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ( CM Pramod Sawant ) ने कहा है कि कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इसलिए लॉकडाउन को 15 जून तक बढ़ाया जाना चाहिए। हालांकि सावंत ने राज्य में जिम और होटल खोलने की इजाजत देने की भी मांग की।
पश्चिम बंगाल और हिमाचल प्रदेश लॉकडाउन बढ़ाने के पक्ष में है तो उत्तराखंड कुछ रियायतों के साथ लॉकडाउन बढ़ाना चाहता है। झारखंड सरकार भी लॉकडाउन बढ़ाने के पक्ष में है। यह संकेत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिए हैं। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में ढील की जल्दबाजी नहीं है। कर्नाटक ने भी केंद्र से जल्द स्कूल खोलने की इजाजत मांगी है।
बता दें कि लॉकडाउन पांच को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ( Home Minister ) ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi ) से मुलाकात की और उन्हें मुख्यमंत्रियों के विचारों से अवगत कराया। माना जा रहा है कि अधिकतर मुख्यमंत्री लॉकडाउन जारी रखने लेकिन जनजीवन चरणबद्ध तरीके से पटरी पर लाने के पक्ष में हैं।