
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में आवारा कुत्तों से लोग बेहद परेशान हैं और प्रशासन की तरफ से इन कुत्तों को पकड़ने के लिए कोई इंतजाम भी नहीं किए जा रहे। सबसे बुरा हाल तो राजधानी के सबसे पॉश इलाकों का है, जो ज्यादातर दक्षिण दिल्ली में आते हैं। यहां आवारा कुत्तों की संख्या बहुत ज्यादा है, जिनके शिकार लोग आए दिन होते रहते हैं। दक्षिणी नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक, ये सामने आया है कि दक्षिणी दिल्ली के इलाकों में रोजाना 27 लोग आवारा कुत्तों का शिकार हो जाते हैं।
दक्षिणी नगर निगम ने पिछले एक साल के अंदर 10413 लोगों के रैबीज के इंजेक्शन लगाए हैं। जानकारी के मुताबिक, सिर्फ दक्षिणी दिल्ली में ही आवारा कुत्तों की संख्या 189285 है। इनमें 114587 नर हैं और 74698 मादा हैं। ये आंकड़े दक्षिणी नगर निगम की तरफ से जारी किए गए हैं। कुत्तों की बढ़ती संख्या को रोकने के लिए निगम की तरफ से नसबंदी का अभियान चलाया जाता है, लेकिन अब तक सिर्फ 40 फीसदी नर और 27 फीसदी मादा कुत्तों की ही नसबंदी की गई है।
दिल्ली में आवारा कुत्तों की आबादी रोकने के लिए बीते एक साल में 58259 कुत्तों की नसबंदी कर चुका है। इसमें सबसे ज्यादा अधिक वेस्ट जोन में 17284 कुत्तों की नसबंदी की गई है। जिन कुत्तों की नसबंदी की गई उनको एंटी रैबीज के टीके भी लगाए गए हैं। एक साल में 10 हजार से अधिक लोगों को भी रैबीज के टीके लगाए गए हैं। निगम ने रैबीज का टीका लगाने के लिए 14 सेंटर बनाए हैं।