
नई दिल्ली। लंबे समय से संसद की कैंटीन ( Parliament canteen ) में सस्ते और लजीज खाने का आनंद उठा रहे सांसदों ( MPs ) को अब थोड़ी निराशा हाथ लग सकती है। क्योंकि संसद की कैंटीन में सब्सिडी ( Subsidy in Parliament's canteen ) को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ( Lok Sabha Speaker Om Birla ) ने मंगलवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि संसद के कैंटीन में अब तक दी जा रही सब्सिडी को खत्म कर दिया गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार संसद के इस कदम से सालाना आठ करोड़ रुपए की बचत हो सकेगी।
संसद की कैंटीन में अब सस्ता खाना नहीं मिल सकेगा
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जानकारी देते हुए बताया कि बजट सत्र से कैंटीन में सब्सिडी को समाप्त किया जा रहा है। जिसके बाद संसद की कैंटीन में अब सस्ता खाना नहीं मिल सकेगा। ओम बिरला ने कहा कि सांसदों और अन्य लोगों को संसद में कैंटीन के खाने पर दी जानी वाली सब्सिडी को पूरी तरह से रोक दिया गया है। इसके साथ ही संसद की कैंटीन के संचालन की जिम्मेदार उत्तर रेलवे से लेकर आईटीडीसी को सौंप दी गई है। गौरतलब है कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ही कैंटीन में मिलने वाली सब्सिडी को समाप्त करने का सुझाव दिया था। इससे पहले संसद की कैंटीन में दी जाने वाली सब्सिडी को लेकर सवाल उठते रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों ने आवाज उठाई थी कि जनता के टैक्स के पैसों को संसद की कैंटीन के खाने में बर्बाद किया जा रहा है।
29 जनवरी से संसद का बजट सत्र शुरू
इससे पहले एक बार संसद की कैंटीन में मिलने वाले खाने की रेट लिस्ट भी सोशल मीडिया पर वायरस हुई थी। रेट लिस्ट वायरल होने से साफ पता लगा था कि कैंटीन में सांसदों को काफी कम रेट पर और बहुत ही लजीज भोजन मिलता है। जेएनयू में हॉस्टल की फीस बढ़ाए जाने के समय में भी प्रदर्शनकारी छात्रों ने संसद की कैंटीन में मिलने वाले सस्ते खाने को लेकर निशाना साधा था। उनका कहना था कि छात्रों के रहने के लिए हॉस्टल में सब्सिडी दी नहीं जा रही और सांसदों को खाने में भी सब्सिडी दी जा रही है। आपको बता दें कि 29 जनवरी से संसद का बजट सत्र शुरू होने जा रहा है।