इस बार खिलाड़ियों की संख्या अधिकतम 150। कोविड-19 निगेटिव का प्रमाण पत्र अनिवार्य।
नई दिल्ली। हर साल की तरह इस बार भी तमिलनाडु में जलीकट्टू का आयोजन होगा। एआईएडीएमके सरकार ने इसकी इजाजत दे दी है। लेकिन प्रदेश सरकार ने इस बाद कोरोना वायरस संक्रमण में मद्देनजर खिलाड़ियों की संख्या अधिकतम 150 तय की है। इससे ज्यादा खिलाड़ी इस बार जलीकट्टी में भाग नहीं ले पाएंगे। इतना ही नहीं खिलाड़ियों को जलीकट्टू में शामिल होने के लिए COVID-19 निगेटिव का प्रमाणपत्र दिखाना भी अनिवार्य कर दिया गया है। दर्शकों की संख्या भी 50 फीसदी से अधिक न होने की शर्तें लगाई गई हैं।
2000 साल पुराना खेल
बता दें कि जलीकट्टू तमिलनाडु में पोंगल त्योहार के दौरान खेला जाना वाला लोकप्रिय खेल है। इसमें बैलों से इंसानों की लड़ाई कराई जाती है। जल्लीकट्टू को तमिलनाडु के गौरव तथा संस्कृति का प्रतीक माना जाता है। ये 2000 साल पुराना खेल है जो उनकी संस्कृति से जुड़ा है। जानवरों की सुरक्षा करने वाली संस्था पेटा इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में ले गई। पेटा की याचिका पर अदालत ने 2014 में इस खेल पर पाबंदी लगाने का फैसला सुनाया था। लेकिन लोक आस्था के मद्देनजर यह खेल कुछ शर्तों के साथ जारी है।