Telangana Health Minister Etela Rajendra: भूमि घोटाला मामले में सीए केसीआर द्वारा जांच के आदेश दिए जाने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ई. राजेंद्र भारी संख्या में अपने प्रशंसकों के साथ 300 से अधिक गाड़ियों का काफिला लेकर अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र हुजराबाद पहुंचे हैं।
हैदराबाद। तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री इटेला राजेंद्र ( Telangana Health Minister Etela Rajendra ) भूमि घोटाले मामले में आरोप लगने के बाद अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र हुजराबाद पहुंचे हैं। ई. राजेंद्र भारी संख्या में अपने प्रशंसकों के साथ 300 से अधिक गाड़ियों का काफिला लेकर हुजराबाद पहुंचे हैं।
किसी भी प्रकार से कोई अनहोनी न हो इसके लिए पुलिस ने तुर्कपल्ली राजीव मार्ग पर बड़े पैमाने पर सुरक्षाबलों को तैनात किया है। जमीन हड़पने का आरोप लगने के बाद दो दिन पहले ही मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने जांच के आदेश दिए। इसके बाद से इटेला के इस्तीफे को लेकर सवाल उठने लगे।
इस संबंध में उन्होंने जवाब भी दिया है। इटेला ने कहा कि इस्तीफा देने से पहले वे अपने निर्वाचन क्षेत्र के कार्यकर्ताओं से बात करेंगे और फिर उसके आधार पर निर्णय लेंगे। इटेला राजेंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री केसीआर के साथ उनके मानवीय संबंध बहुत गहरे हैं।
सीएम ने दिए जांच के आदेश
आपको बता दें कि दो दिन पहले मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव ने स्वास्थ्य मंत्री ईटेला राजेंद्र के खिलाफ जमीन घोटाले के गंभीर आरोपों की जांच के लिए आदेश दिए थे। सीएम केसीआर ने मुख्य सचिव सोमेश कुमार से कहा था कि वे मेडक जिला कलेक्टर को मंत्री ईटेला राजेन्द्र के खिलाफ जमीन हड़पने के आरोपों की जांच करें और उन्हें तुरंत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दें।
ये है पूरा मामला
आपको बता दें कि स्वास्थ्य मंत्री ईटेला राजेंद्र के खिलाफ मेडक जिले में दो गांवों के किसानों की जमीन हड़पने का सनसनीखेज आरोप है।ग्रामीणों ने ईटेला राजेंदर पर अपनी नियत भूमि पर जबरन कब्जा करने का आरोप लगाया है।
मसाईपेट मंडल के अचम्पेट और हाकिमपेट के आठ ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से शिकायत की और कहा कि मंत्री और उनके सहयोगियों ने एक मुर्गीपालन उद्योग शुरू करने के लिए उनकी जमीनों पर कब्जा कर लिया है।
लोगों ने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि, वे यह सुनिश्चित करें कि सरकार की ओर सेउन्हें दी गई भूमि को तुरंत उन्हें बहाल किया जाए। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार और नियोजित भूमि पर कब्जा करने के साथ ही मंत्री और उनके सहयोगियों ने डराकर धमकाकर जमीन के दस्तावेज भी ले लिए हैं। शिकायत में ये भी कहा गया है कि हमसे जबरन जमीन का असाइनमेंट सर्टिफिकेट लिया गया। उनका आरोप है कि मंत्री की ओर से करीब 100 एकड़ जमीन को हड़प ली गई है।