
नई दिल्ली: अब तेलंगाना पुलिस भी धीरे-धीरे हाइटेक होती नजर आ रही है। इसलिए अब वो खुले शराब पीने, शौच करने वालों और बदमाश तत्वों के लोगों से निपटने के लिए एक नई पहल की शुरूआत की है। पुलिस अब ड्रोन कैमरे की मदद से सार्वजनिक स्थलों पर उपद्रव मचाने वालों, खुले शौच करने पर रोक लगा रही है। तेलंगाना पुलिस ने इसकी शुरुआत की तो लॉन्चिंग के पहले ही दिन तकरीबन 250 लोगों को हिरासत में लिया।
दरअसल तेलंगाना के करीमनगर जिले की पुलिस ने इसकी शुरुआत की है। जिससे स्थानीय लोगों को खुले में शौच करने से रोका जा सके। वहीं पुलिस का कहना है कि यह सोमवार को शुरू किया गया किया था। तीन दिनों में इसके बेहतर परिणाम मिले हैं।
करीमनगर पुलिस कमिश्नर वीबी कमलासन रेड्डी ने एक नीजी वेबसाइट से बात करते हुए बताया कि जब से इसकी शुरुआत हुई है, तब से खुले में शौच में करने वाले लोगों की संख्या बुधवार तक काफी कमी आयी है। हैदराबाद रोड के करीमनगर शहर के बाहरी इलाकों में स्थित लोअर मैनेर बांध (एलएमडी) जलाशय, शहर के लोगों के लिए पीने के पानी का मुख्य श्रोत है। जिसकी सुरक्षा एलएमडी पुलिस स्टेशन की टीम करती है। शुरुआत में पुलिस ड्रोन की मदद झील में कूदकर आत्महत्या करने वाले शख्स को बचाने के लिए किया करती थी। वहीं पुलिस इसके बाद जलाशयों के किनारे बैठकर शराब पीने वालों पर नजर रखने के लिए करने लगी।
पुलिस कमिश्नर वीबी कमलासन रेड्डी ने कहा कि अभी हाल ही हमें लोकल स्तर और वहां वॉक करने वाले लोगों से बहुत सारी शिकायतें मिली हैं। ये शिकायतें पास के ही झुग्गी बस्तियों को लेकर है। जो सुबह के समय जलाशयों के किनारे शौच करने पहुंच जाते हैं। पुलिस उन्हें रोकने के लिए ही इसका इस्तेमाल कर रही है। वहीं पुलिस इस ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल उनकी पहचान के लिए कर रही है।
वहीं करीमनगर वॉकर एसोसिएशन के मेंबर कुदाली श्रीनिवास ने कहा कि सुबह वॉक के लिए आने वाले लोगों को इस खुले में शौच से परेशानी होती है। सबसे ज्यादा महिलाओं को इससे परेशानी होती है। वहीं इसके दूसरी ओर यहां पास इंजीनियरिंग कॉलेज व हॉस्टल के बच्चे जलाशयों के किनारे घुमने, जॉगिग व पढ़ाई करने के लिए आते हैं। वे जब खुले में शौच को देखते हैं तो शर्मसार महसूस करते हैं। इसलिए इस पर नकेल कसने के लिए ड्रोन सही आइडिया है।