45 हजार आबादी वाले कस्बे में राष्ट्रगान सभी को सुनाई दे, इसके लिए 16 स्पीकर भी लगाये गए हैं।
हैदराबाद। देश के सबसे नए राज्य तेलंगाना के करीमनगर जिले में मौजूद जम्मीकुंटा कस्बे में हर सुबह 7: 45 बजे सड़कें थम जाती हैं, बसें, ऑटो, मोटर चालक, दोपहिया वाहन चालक, स्कूली बच्चे, आम जनता सड़क जहां होती है वहीं ठहर जाते हैं। अगले 52 सेकेंंड तक यह सब कुछ थमा रहता है क्योंकि इस दौरान सभी लोग साथ मिलकर गाते हैं राष्ट्रगान। राष्ट्रगान सभी को सुनाई दे इसके लिए कस्बे में 16 स्पीकर भी लगाये गए हैं। कस्बे की आबादी 45 हजार के करीब है। जैसे ही राष्ट्रगान खत्म होता है, एक बार फिर जिंदगी सामान्य हो जाती है।
पुलिस इंस्पेक्टर की पहल को लोगों ने सराहा
इस परंपरा की शुरुआत एक हफ्ते पहले जम्मीकुंटा के पुलिस इंस्पेक्टर पी. प्रशांत रेड्डी ने की थी, जो कि अब तक जारी है। रेड्डी के मुताबिक 15 अगस्त के दिन जब उन्होंने पाया कि कस्बे के 90 फीसदी लोगों को राष्ट्रगान का सिर्फ 'जन मन गणÓ ही याद है तो उन्होंने ये निर्णय लिया। रेड्डी के अनुसार उनके द्वारा की गई यह पहल न सिर्फ हिट हुई बल्कि लोगों द्वारा खूब सराही जा रही है।
राष्ट्रगान से रूकेंगे अपराध
इंस्पेक्टर रेड्डी का दावा है कि उनके द्वारा शुरु की गई प्रतिदिन राष्ट्रगान की परंपरा से कस्बे से अपराध भी रुक जाएंगे। रेड्डी के अनुसार यदि कोई अपने घर से सुबह अपराध के इरादे से निकलता है और वो राष्ट्रगान गाता या सुनता है तो ये उसके दिमाग में बदलाव लाएगा। राष्ट्रगान को सुनने के बाद उसे समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारी का अहसास हो जाता है और फिर वो गलत काम नहीं करेगा। उनके अनुसार यदि अपराधियों के मन में देशभक्ति का भाव जगाया जाता तो निर्भया जैसे हादसों को रोका जा सकता था।
अंधेरे की बजाय सूरज के प्रकाश में हो गान
रेड्डी के अनुसार 'राष्ट्रगान भारत के सुबह का गान है। इसे बजाय सिनेमा हॉल के अंधेरे में गाने के बजाय मैं इसे सूरज के प्रकाश में गाना चाहूंगा। उनके अनुसार राष्ट्रगान गाने के बाद लोग अच्छा महसूस करते हैं। करीमनगर पुलिस कमांडर वी बी कमलासन रेड्डी के अनुसार राष्ट्रगान के समय बस ड्राइवर बसों को बंद कर यात्रियों के साथ उतरकर इसका सम्मान करते हैं और कई लोग इसे सलामी देते हैं। यह सब लोग अपनी इच्छा से करते हैं, इस पर पुलिस का कोई हस्तक्षेप नहीं होता है।