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Terrorist Attack: मणिपुर में घात लगाकर बैठे आतंकियों का सेना पर हमला, तीन जवान शहीद

Terrorist Attack से दहला देश का North East State Manipur के चंदेल इलाके में घात लगाकर बैटे आतंकियों ने किया IED Blast, फिर सेना पर बरसाई गोलियां अचानक हुए हमले में तीन जवान शहीद, म्यांमार की सीमा
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Updated: 30 Jul 2020, 1:26 PM IST
Terrorist Attack in Manipur
मणिपुर के चंदेल में आतंकी हमला, तीन जवान शहीद

नई दिल्ली। दिन निकलते ही देश के पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर ( Manipur ) से बड़ी खबर सामने आई है। यहां घात लगातार बैठे आतंकियों ने सुरक्षाबल के जवानों पर हमला ( Terrorist Attack ) बोल दिया। इस हमले में तीन जवान शहीद ( Soldier Martyred ) हो गए जबकि 6 जख्मी बताए जा रहे हैं। पहले से ही घात लगाए बैठे0 आतंकवादियों ने आईईडी से धमाका ( IED Blast ) किया। इस धमाके के बाद सुरक्षा बल के जवानों पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाना शुरू कर दीं।

बताया जा रहा है कि यह घटना बुधवार रात करीब सवा एक बजे राजधानी इंफाल ( Imphal )से 100 किमी की दूरी पर स्थित चंदेल ( Chandel ) जिले में हुई। आपको बता दें कि चंदेल जिला म्यांमार की सीमा से लगा हुआ है।

4 असम राइफल के तीन जवान शहीद

मणिपुर में हुए इस आतंकी हमले में चार असम राइफल ( Assam Rifle ) के तीन जवान शहीद हुए हैं। जबकि 6 घायल हैं। इस हमले के बाद सेना की ओर से आतंकियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

चीन को लेकर थी आशंका

यही नहीं सेना ने भारत-म्यांमार सीमा पर चौकसी भी बढ़ा दी है। दरअसल ये हमला ऐसे वक्त पर हुआ है जब यूरोपियन थिंक टैंक की ओर से ये चेतावनी जारी की गई थी कि चीन म्यांमार के आतंकियों को हथियार देकर भारत में बड़ा हमला करने की फिराक में है।

मिली जानकारी के मुताबिक 4 असम राइफल्‍स की कोबरा पार्टी पर स्‍थानीय आतंकी संगठन पीपुल्‍स लिब्रेशन आर्मी ( PLA ) ने आईईडी ब्‍लास्‍ट में निशाना बनाया है। आतंकियों की तरफ से फायरिंग भी गई जिसमें तीन जवान घटनास्‍थल पर ही शहीद हो गए हैं। हालांकि इस हमले में अब तक किसी आतंकी के मारे जाने की खबर नहीं मिली है।

आपको बता दें कि ये वहीं चंदेल इलाका है जहां पांच वर्ष पहले 2015 में आतंकियों ने हमला किया था। इस दौरान सेना के काफिले पर हमला किया गया था। इस आतंकी हमले में सेना के 17 जवान शहीद हुए थे। हालांकि सेना के जवानों ने भी इस हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया था और आतंकी डर कर पहाड़ी इलाकों में भाग गए थे।

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