एक रिपोर्ट के अनुसार विश्व भर में हीट वेव से होने वाली मौत का आकंड़ा साल 2000 के मुकाबले 2018 में 54 % तक बढ़ चुका है। साल 2018 में हीट वेव के कारण 2 लाख 96 हजार से अधिक लोगों ने अपनी जान गवाई हैं। इनमें से ज्यादातर लोग भारत और चीन के थे।
नई दिल्ली। भारत और चीन में जलवायु परिवर्तन की वजह से इन दोनो देशों में गर्मी ने हर रिकॉर्ड तोड़ दिया है। DW की एक रिपोर्ट के अनुसार विश्व भर में हीट वेव से होने वाली मौत का आकंड़ा साल 2000 के मुकाबले 2018 में 54 % तक बढ़ चुका है। साल 2018 में हीट वेव के कारण 2 लाख 96 हजार से अधिक लोगों ने अपनी जान गवाई हैं। इनमें से ज्यादातर लोग भारत और चीन के थे।
रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हीट वेव की वजह से 31 हजार लोगों की मौत हुई है। जबकि चीन में ये आकड़ा 62 हजार के पार है। इसके अलावा बढ़ती गर्मी की वजह से बीते साल करीब 30 हजार 200 करोड़ काम के घंटे बर्बाद हुए हैं। भारत में हीट वेव की वजह से फसलों की भारी बर्बादी हुई।
रिपोर्ट के मुताबिक जलवायु परिवर्तन की वजह दुनिया की सबसे ठंडी जगह सर्बिया के तापमान में भी भारी बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है। पहले इस गांव में पारा -67.8 डिग्री तक पहुंच जाता था लेकिन इस साल जून में यहां का तापमान -38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया जिसने लोगों को चौका दिया।
इनके अलावा विश्व मौसम विज्ञान संगठन की एक रिपोर्ट में बताया गया कि पिछले पाँच साल अब तक रिकॉर्ड में दर्ज सबसे गर्म साल रहे, यानी 2014 से 2019 के बीच रिकॉर्ड गर्मी रही। इस दौरान कार्बन डाइ ऑक्साइड के उत्सर्जन में बढ़ोतरी होने के कारण समुद्री जलस्तर में भी वृद्धि देखने को मिली है।