अभी तक 6 अमरनाथ यात्रियों की मौत हो चुकी है।
श्रीनगर: मंगलवार को तीन अमरनाथ यात्रियों की मौत हो गई । तीन श्रद्धालुओं की मौत अलग अलग कारणों से हुई है। पुलिस ने बताया कि उत्तर कश्मीर के बलटाल शिविर में आंध्र प्रदेश के दो निवासी थोटा रधनाम और राधाकृष्ण शास्त्री की हार्ट अटैक से मौत हो गई। वहीं बलटाल से ट्रैकिंग कर पवित्र गुफा जाते समय एक पत्थर से टकराने से उत्तराखंड के पुष्कर ने दम तोड़ दिया । इससे पहले सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक कर्मी, एक स्थानीय सहायक और दूसरे राज्य के एक स्वयंसेवी की भी यात्रा के दौरान प्राकृतिक कारणों से मौत हो चुकी है। अभी तक 6 अमरनाथ यात्रियों की मौत हो चुकी है।
सड़क हादसे में घायल हुए थे लोग
इससे पहले 30 जून को सड़क हादसे में तीन अमरनाथ श्रद्धालु घायल हो गए । गांदरबल जिले में शनिवार को सड़क दुर्घटना में अमरनाथ यात्रा पर जा रहे तीन श्रद्धालु घायल हो गए। तीनों घायल यात्री राजेश कुमार, मनेश कुमार और करण अग्रवाल पंजाब के भटिंडा के रहने वाले हैं। जिले के सुंबाल इलाके में उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई । घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बारिश के कारण रुक गई थी यात्रा
गौरतलब है कि भारी बारिश के कारण तीन दिन से रुकी अमरनाथ यात्रा रविवार से शुरू हो गई। बारिश की वजह से शनिवार को यात्रा को रोक दिया गया था। 1 जुलाई को मौसम खुलने के बाद बेस कैंप से यात्रियों को आगे बढ़ने की इजाजत मिली। बता दें कि भारी वर्षा से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन हुए हैं और पत्थर गिरे हैं। जिसके चलते कई जगह रास्ते बंद हो गए थे। 3 जुलाई को 3,499 तीर्थयात्रियों का एक जत्था अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हुआ। पुलिस का कहना है कि यह जत्था भगवती नगर यात्री निवास से रवाना हुआ। कुल 2,262 तीर्थयात्री पहलगाम और 1,237 तीर्थयात्री बालटाल आधार शिविरों की ओर रवाना हुए। अब तक 36,000 से अधिक तीर्थयात्री अमरनाथ की यात्रा कर चुके हैं। यह तीर्थयात्रा 28 जून को शुरू हुई थी और 26 अगस्त को समाप्त होगी।