TRAI New Proposal For Mobile Numbers : टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) के अनुसार 11 डिजिट वाले मोबाइल नंबर वे ज्यादा संख्या में उपलब्ध करा सकते हैं ट्राई ने पीएमओ को एक पत्र भी लिखा, जिसमें ब्रांडबैंड की संख्या बढ़ाए जाने की बात कही
नई दिल्ली। अभी तक देश में 10 अंकों वाले मोबाइल नंबर (Mobile Number) का इस्तेमाल होता है, लेकिन जल्द ही अब ये 11 डिजिट के होने वाले हैं। इस सिलसिले में टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) लगातार विचार कर रही है। देश में मोबाइल फोन नंबरिंग स्कीम को बदलने के लिए शुक्रवार को एक प्रस्ताव (Proposal) जारी किया है। ट्राई का मानना है कि इससे ज्यादा नंबर उपलब्ध कराए जा सकेंगे।
इतना ही नहीं TRAI ने फिक्स्ड लाइन से कॉल करते समय मोबाइल नंबर के आगे '0' लगाने की भी बात कही है। इस समय फिक्स्ड लाइन कनेक्शन से इंटर-सर्विस एरिया मोबाइल कॉल्स के लिए '0' लगाना पड़ता है। वहीं मोबाइल से लैंडलाइन पर बिना '0' लगाए भी कॉलिंग की जा सकती है।
ब्रांडबैंड को लेकर ट्राई और दूरसंचार विभाग में ठनी
एक अंग्रेजी बिजनेस न्यूज चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक कम लैंडलाइन ब्रॉडबैंड को लेकर टेलीकॉम रेगुलेटर TRAI और दूरसंचार विभाग के बीच ठन गई है। ट्राई का कहना है कि ब्रॉडबैंड की संख्या बढ़ाने की सिफारिश को दूरसंचार विभाग अनदेखी कर रहा है। इसी को लेकर ट्राई ने पीएमओ PMO को चिट्टी भी लिखी है।
ये सिफारिशें भी अधर में लटकी
बताया जाता है कि TRAI ने 2017 में ब्रॉडबैंड बढ़ाने की सिफारिश की थी। मगर पिछले 4 साल से उसकी लगभग सभी सिफारिशें अटकी हुईं है। केबल टीवी से इंटरनेट कनेक्शन की भी बात नहीं बन पाई थी और न हीपब्लिक वाईफाई हॉटस्पॉट से ब्रॉडबैंड की सिफारिश को मंजूर किया गया। (TRAI) ने (PMO) को चिट्टी लिखकर बताया कि भारत में 65 करोड़ लोग इंटरनेट यूज़र्स हैं। जबकि महज 2 करोड़ लोगों के पास लैंडलाइन ब्रॉडबैंड है। इसलिए ब्रांडबैंड को ज्यादा संख्या में उपलब्ध कराए जाने पर ध्यान देना चाहिए।