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सीमा पर India-China के बीच झड़प, उद्धव सरकार ने चाइनीज कंपनी से किया 76 सौ करोड़ का करार

India-China Tension के बीच उद्धव सरकार ( Uddhav Government ) ने चीनी कंपनी से किया डील जीडब्ल्यूएम ( GWM ) नामक कंपनी के साथ 7600 करोड़ रुपए का करार

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Jun 18, 2020
Uddhav Government Deal with chinese company with 7600 crore
उद्धव सरकार ने चीनी कंपनी के साथ की डील।

नई दिल्ली। भारत-चीन ( India- China ) के बीच एक बार फिर विवाद बढ़ गया है। लद्दाख ( Ladakh ) बॉर्डर के गलवान घाटी ( Galwan Valley ) में भारत-चीनी सेना के बीच हिंसक झड़प में 20 जवान शहीद हो गए हैं। जवानों की शहादत पर देश में रोष है। पूरा देश एक साथ चीन ( China ) के खिलाफ है। केन्द्र सरकार ( Central Governmnet ) ने भी चीन को दो टूक जवाब दे दिया है। जहां, एक ओर इस कायरना हरकत के लिए चीन का हर तरफ से विरोध हो रहा है। वहीं, दूसरी ओर महाराष्ट्र सरकार ( Maharashtra Governmnet ) ने चीनी कंपनी ( Deal With Chinese Company ) के साथ 76 सौ करोड़ का करार किया है।

चीनी कंपनी के साथ 76 सौ करोड़ से ज्यादा का करार

चीन से तनातनी के बीच उद्धव सरकार ( Uddhav Government ) ने चीन की जीडब्ल्यूएम ( GWM ) नामक कंपनी के साथ एक अरब डॉलर यानी 7,600 करोड़ रुपए से अधिक का करार किया है। इसके अलावा महाराष्ट्र सरकार ने एक अन्य चीनी कंपनी हेंगली इंजीनियरिंग के साथ 250 करोड़ रुपए के निवेश का भी करार किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी कंपनी जीडब्ल्यूएम ( GWM ) पुणे के तलेगांव में 3770 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। बताया जा रहा है कि इस निवेश से तकरीबन तीन हजार लोगों को रोजागार मिलने का दावा किया गया है।

CM उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में हुई बैठक

जीडब्ल्यूएम (GWM) यानी ग्रेट वॉल मोटर्स SUV गाड़ी बनाती है। यह भारत में भी काफी लोकप्रिय है। जनवरी महीने में GWM ने अमरीकन वाहन कंपनी जनरल मोटर्स के साथ तलेगांव स्थित प्लांट के अधिग्रहण के लिए करार किया था। भारत में जीडब्ल्यूएम सहायक कंपनी के प्रबंध निदेशक पार्कर शी ने कहा कि इस करार के लिए हम महाराष्ट्र को सहयोग के लिए धन्यवाद देते हैं। गौरतलब है कि महाराष्ट्र उद्योग विभाग की ओर से मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ( Uddhav Thackeray ) की मौजदगी में चीन, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, अमरीका समेत 12 देश के प्रतिनिधि शामिल हुए। ऐसा माना जा रहा है कि इस करार से राज्य सरकार को भी फायदा होगा, साथ ही लोगों को रोजगार भी मिलेगी। लेकिन, जिस तरह से चीन का अभी विरोध हो रहा है और उस पर बैन लगाने की चर्चा शुरू हो गई है। ऐसे में चीनी कंपनी के साथ उद्धव सरकार का यह करार कई सवाल खड़े कर रहे हैं।

Published on:
18 Jun 2020 10:49 am