युद्धस्तर पर निपटने के लिए कुछ खास पदों पर काम कर रहे लोगों को क्वारनटाइन नियमों से छूट दी गई हैं। अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाएं अगस्त से पहले शुरू हो सकती हैं। राज्य सरकारें अपने हिसाब से गाइडलाइन तय करने के लिए स्वतंत्र हैं।
नई दिल्ली। केन्द्रीय मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ( Union Minister DV Sadanana Gauda ) ने इंस्टीट्यूशनल क्वारनटाइन पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि कोरोना वायरस ( Coronavirus ) संकट और लॉकडाउन ( Lockdown ) चार के बीच घरेलू विमान सेवाएं देशभर में सोमवार से शुरू हो गई हैं। घरेलू उड़ानों को लेकर कुछ राज्य सरकारों ने यात्रियों के लिए अपने हिसाब से मानदंड निर्धारित किए हैं। इस बात की इजाजत केंद्र की ओर से पहले ही दी जा चुकी हैं।
केंद्रीय मंत्री गौडा ने कहा कि कोरोना वायरस से युद्धस्तर पर निपटने के लिए कुछ खास पदों पर काम कर रहे लोगों को क्वारनटाइन के नियमों ( quarantine Rules ) से छूट दी गई हैं। ऐसा काम के स्वरूप और उनकी अनिवार्यता को देखते हुए किया गया है। उन्होंने कहा कि अगर हम डॉक्टर्स, नर्स और जरूरी दवाओं की सप्लाई करने वालों को क्वारंटाइन कर देंगे तो क्या हम कोरोना को रोक पाएंगे। इसलिए कुछ लोगों को विशेष परिस्थितियों की वजह से क्वारनटाइन से छूट है।
नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा है कि अगस्त से पहले अंतरराष्ट्रीय विमान ( International Flights ) सेवाएं शुरू हो सकती है। इससे विदेशों में फंसे भारतीय को घर वापसी हो पाएगा। अंतरराष्ट्रीय विमानों से आए यात्रियों के लिए 14 दिनों का अनिवार्य क्वारंटाइन किया गया है। इनमें 7 दिन इंस्टीट्यूशनल क्वारंटाइन में रहना होगा जबकि 7 दिन होम आइसोलेशन में रहना होगा।
इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ( Health Ministry ) ने 24 मई को गाइडलाइन ( Guideline ) जारी कर कहा कि राज्य सरकारें यात्रियों को क्वारनटाइन करने के नियम खुद तय कर सकते हैं। मंत्रालय ने घरेलू उड़ानों, ट्रेन और बस यात्रा के लिए क्वारनटाइन गाइडलाइन जारी कर राज्यों और हवाई यात्रियों की मुश्किलें काफी हद तक दूर कर दी हैं।
मंत्रालय की ओर से जारी नई गाइडलाइन में कहा गया है कि यात्रा की समाप्ति पर अगर यात्रियों में कोरोना के लक्षण मिलते हैं तभी उन्हें क्वारनटाइन किया जाए। लेकिन राज्य सरकार चाहें तो इसमें बदलाव कर स्वयं निर्णय ले सकते हैं किन्हें क्वारंटाइन करना है, किन्हें नहीं या सभी यात्रियों को क्वारंटाइन करना है। राज्य सरकारें अपनी जरूरत के हिसाब से क्वारंटाइन और आइसोलेशन के प्रोटोकाल तय कर सकती हैं।