नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ( dgca ) ने शुक्रवार को 31 अगस्त तक के लिए जारी किए आदेश। सरकार ने अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों को अनलॉक तीन ( Unlock 3.0 ) तक निलंबित ( Ban on International Flights ) करने का लिया है फैसला। अमरीका, फ्रांस और जर्मनी से किए गए करार के तहत जारी रहेंगी ( International Flights ) उड़ानें।
नई दिल्ली। कल यानी शनिवार से देश में कोरोना वायरस महामारी के चलते लागू लॉकडाउन के बाद अनलॉक की प्रक्रिया का तीसरा चरण शुरू हो रहा है। तीसरे अनलॉक ( Unlock 3.0 ) को लेकर सरकार ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों ( International Flights ) के संबंध में शुक्रवार को आदेश जारी किए हैं। इसके तहत सरकार ने आगामी 31 अगस्त तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द ( Ban on International Flights ) कर दिया है। हालांकि अमरीका, जर्मनी और फ्रांस के साथ किए गए भारत सरकार के करार के अंतर्गत इन देशों के लिए यात्रा जारी रहेगी।
शुक्रवार को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ( dgca ) द्वारा इस संबंध में जारी एक बयान में कहा गया, "सरकार ने फैसला लिया है कि आगामी 31 दिसंबर 2020 की रात 11.59 बजे तक भारत से जाने और आने वाली निर्धारित अंतरराष्ट्रीय व्यावसायिक यात्री उड़ानों को रद्द किया जाता है। हालांकि यह पाबंदी अंतरराष्ट्रीय कार्गो संचालन और डीजीसीए द्वारा स्वीकृत विमानों पर लागू नहीं होगी।"
कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर भारत ने बीते 22 मार्च से अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों ( coronavirus international flights ) को निलंबित कर दिया था।
डीजीसीए द्वारा जारी बयान के मुताबिक, "तब से विदेश या भारत में फंसे यात्रियों हेतु भारत में आने या यहां से जाने के लिए विदेशी उड़ान सेवाओं द्वारा 2500 से ज्यादा प्रत्यावर्तन उड़ानों को मंजूरी दी गई है। जबकि वंदे भारत मिशन के अंतर्गत 6 मई से लेकर 30 जुलाई तक एयर इंडिया और एआई एक्सप्रेस ने फंसे हुए 2 लाख 67 हजार 436 मुसाफिरों को निकाला है और अन्य चार्टर्स ने 4,86,811 फंसे हुए यात्रियों को विमान सेवा मुहैया कराई है।"
कोरोना वायरस महामारी को लेकर जारी लॉकडाउन ( coronavirus lockdown ) के दौर में मुसाफिरों की क्रमिक आवाजाही के लिए भारत सरकार ने अमरीका, फ्रांस और जर्मनी के साथ हवाई यात्रा जारी रखने का करार किया है। हाल ही में भारत लाने/से ले जाने के लिए सरकार ने कुवैत के साथ भी ऐसा ही करार किया है। ऐसे ही करार अन्य देशों के साथ भी किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
नागर विमानन मंत्रालय ने काफी पहले से यह बात स्पष्ट कर रखी है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को संचालन केवल तब ही शुरू किया जाएगा, जब वास्तविक रूप से गर्मियों के लिए स्वीकृत निर्धारित उड़ानों का 50 फीसदी संचालन घरेलू विमानों में किया जाएगा। बीते 25 मई से करीब ढाई माह बाद निर्धारित घरेलू उड़ानों को संचालन शुरू किया गया था और तब से विमान सेवाएं अपनी निर्धारित उड़ानों का 30 फीसदी ही संचालन कर रही हैं। उन्हें 24 नवंबर तक इस क्षमता को बढ़ाकर 45 फीसदी करने की अनुमति दी जा चुकी है।