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Unlock 6.0: जानिए क्या हैं सरकार के विस्तृत दिशानिर्देश, लॉकडाउन भी रहेगा लागू

गृह मंत्रालय ने Unlock 5.0 की गाइडलाइंस को ही आगे बढ़ाया। 30 सितंबर 2020 को जारी दिशानिर्देश अब 30 नवंबर तक लागू। 1 नवंबर से देशभर में लागू होना है अनलॉक ( Unlock 6.0 ) का छठा चरण।

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Unlock 6.0 guidelines: Internation Flights, Cinema halls, Schools, Pools reopening

नई दिल्ली। अक्टूबर खत्म होने जा रहा है और आगामी 1 नवंबर देशभर में अनलॉक का छठा चरण लागू होना है। हालांकि गृह मंत्रालय ने मंगलवार को मामूली बदलाव के साथ 1 नवंबर से लागू किए जाने वाले अनलॉक 6.0 ( Unlock 6.0 ) की विस्तृत गाइडलाइंस जारी कर दीं। बीते 30 सितंबर को जारी अनलॉक 5.0 के समान ही लागू दिशानिर्देशों के मुताबिक राज्य सरकारों के पास अपनी मर्जी से लॉकडाउन लागू करने का अधिकार नहीं होगा। जबकि मल्टीप्लेक्स-सिनेमाघरों, स्वीमिंग पूल, जनसभा, बैंक्वेट हॉल आदि को विशेष प्रोटोकॉल के साथ फिर से खोलने की अनुमति है। स्कूल खोलने का फैसला राज्यों पर छोड़ दिया गया है।

गृह मंत्रालय द्वारा जारी ताजा गाइडलाइंस के मुताबिक 30 सितंबर 2020 को एमएचए द्वारा जारी अंतिम दिशानिर्देशों के बाद, निम्नलिखित गतिविधियों की भी अनुमति है लेकिन कुछ प्रतिबंधों के साथ:

कहां होगा लॉकडाउन

गृह मंत्रालय द्वारा जारी अनलॉक 5.0 की गाइडलाइंस के मुताबिक अब अनलॉक 6.0 में भी देश के सभी इलाकों में 30 नवंबर तक केवल कंटेनमेंट ज़ोन में लॉकडाउन लागू रहेगा। गृह मंत्रालय के सख्त निर्देश हैं कि बिना परामर्श के राज्य सरकारें कंटेनमेंट जोन के बाहर लोकल लॉकडाउन लागू नहीं कर सकेंगी। इतना ही नहीं, राज्यों के अंदर और बाहर की आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा।

सांस्कृतिक-धार्मिक समारोह के नियम

एमएचए ने सांस्कृतिक और धार्मिक समारोहों के नियमों में पहले ही ढील दे दी है। नवंबर में भी पहले की ही नियम लागू होंगे। इस तरह के समारोहों-कार्यक्रमों में राज्य/केंद्र शासित प्रदेश कंटेनमेंट ज़ोन के बाहर 100 लोगों की सीमा से ज्यादा के साथ अनुमति दे सकते हैं, हालांकि इस दौरान कोविड-19 संबंधी मानक उपायों का पालन अनिवार्य होगा।

वहीं, ऐसे स्थान जहां समारोह-कार्यक्रम किसी हॉल में आयोजित किया जाए, जैसे बैंक्वेट हॉल आदि तो इनमें 50 फीसदी क्षमता या अधिकतम 200 लोगों को ही शिरकत करने की अनुमति है। खुले स्थान पर आयोजन के दौरान ग्राउंड के आकार को ध्यान में रखकर फैसला लिया जाएगा।

इन दोनों ही मामलों में मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, थर्मल स्कैनिंग और सैनेटाइज़र की व्यवस्था करना बेहद जरूरी रहेगा। इन सभाओं में कोरोना वायरस का प्रसार ना हो सके, राज्य/केंद्र शासित प्रदेश द्वारा पिछले माह ही विस्तृत SOP जारी किए जा चुके हैं।

हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स

विज्ञान और टेक्नोलॉजी में पीएचडी या पोस्ट-ग्रेजुएशन करने वालों के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रयोगशालाएं खोली जा सकती हैं। जबकि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा गृह मंत्रालय के परामर्श से ही कॉलेजों को खोलने का फैसला लिया जा सकता है।

इंटरनेशनल फ्लाइट्स

कंटेनमेंट जोन के बाहर एकमात्र चीज जिस पर अभी भी प्रतिबंध लगा हुआ है, वो अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें हैं। वैसे भारत की पहले से ही कई देशों के साथ एयर बबल की व्यवस्था जारी है। इसके तहत ये देश एक-दूसरे के यहां उड़ानें ला-ले जा सकते हैं।

सिनेमा हॉल-मल्टीप्लेक्स-एग्जिबिशन

गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार सिनेमा घर, थियेटर और मल्टीप्लेक्स में कुल बैठक क्षमता के 50 फीसदी तक संचालित करने की अनुमति दी गई है। इसके लिए सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी एसओपी का पालन करना होगा।

बिजनेस टू बिजनेस (B2B) एग्जिबिशन को भी संचालन की इजाजत दी गई है और स्वीमिंग पूल को प्रशिक्षण औ "खिलाड़ियों के इस्तेमाल के लिए" और एंटरटेनमेंट पार्क को भी खोला जाएगा। इन सभी गतिविधियों के लिए संबंधित मंत्रालयों द्वारा अक्टूबर में SOP जारी किए जा चुके हैं और यही आगे भी लागू रहेंगे।

स्कूलों पर फैसला

स्कूलों को फिर से खोलने को लेकर गृह मंत्रालय ने कहा था कि "राज्य/केंद्र शासित राज्य सरकारों को 15 अक्टूबर 2020 के बाद क्रमबद्ध तरीके से फैसला लेने की छूट दी गई है, हालांकि फैसला स्थिति के आकलन के आधार पर संबंधित स्कूल/संस्थान प्रबंधन की सलाह से लिया जाएगा।" कई राज्यों द्वारा स्कूलों को खोला जा चुका है और कई में नहीं।

मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से कहा था कि ऑनलाइन एजुकेशन पढ़ाई के प्राथमिक मोड के रूप में जारी रखा जाएगा और छात्रों को हाजिरी के लिए स्कूल पहुंचने के नियम को लागू नहीं किया जा सकता। छात्र अभिभावकों की लिखित सहमति से ही स्कूलों/संस्थानों में पहुंच सकते हैं।

कॉलेजों पर फैसला

कॉलेजों पर MHA और उच्च शिक्षा विभाग स्थिति के आकलन के आधार पर फैसला ले सकते हैं। उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए वित्त पोषित, संस्थान के प्रमुख स्वयं/खुद को संतुष्ट करेंगे कि प्रयोगशाला/प्रायोगिक कार्यों के लिए विज्ञान और टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम में रिसर्च स्कॉलर्स (पीएचडी) और स्नातकोत्तर छात्रों की कितनी वास्तविक आवश्यकता है और हालात का जायजा लेने के बाद 100 की क्षमता से ऊपर भी संख्या को बढ़ा सकते हैं।"

Updated on:
27 Oct 2020 06:07 pm
Published on:
27 Oct 2020 05:52 pm
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