
नई दिल्ली। उत्तराखंड के कई हिस्सों में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही है। भारी बारिश के चलते चार धाम की यमुनोत्री धाम की यात्रा रुक गई है। मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में अगले 48 घंटे यानी शुक्रवार तक बारीश होने की आशंका जताई है। बारिश की आशंका के मुद्देनजर जिला प्रशासन ने नदी किनारे रहने वालों लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाए जाने के निर्देश जारी किए हैं।
भारी बारिश और भूस्खलन से नुकसान
एक अधिकारी ने मीडिया को बताया कि यमुनोत्री के पास बादल फटने की ख़बर है। बादल फटने से यात्रा रुकी हुई है। वहीं अऩ्य अधिकारियों ने हालांकि, बादल फटने की बात से इनकार किया है। उनका कहा कि क्षेत्र में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण नुकसान हुआ है।
'तप्त कुंड' को पहुंचा नुकसान
अधिकारी ने बताया बारिश की वजह से सड़क से जुड़े दो पैदल यात्री पुल बह गए हैं, जबकि काली कमली धर्मशाला और आसपास के दुकानों के पास भारी जलभराव हो गया है। अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। लगातार बारिश और बादल फटने से गर्म पानी के जल स्रोत 'तप्त कुंड' को नुकसान पहुंचा है।
यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया
उत्तरकाशी के जिला मजिस्ट्रेट आशीष चौहान ने कहा कि मुख्य मंदिर सुरक्षित है। यात्रा में मुख्य रूप से शामिल करीब पांच दर्जन श्रद्धालुओं और पुजारियों को जानकी चट्टी में सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, जिला पुलिस, प्रशासन और राज्य आपदा मोचन बल के अधिकारी क्षेत्र में पहुंच गए हैं।