विविध भारत

वडोदराः सेहत संवारने के लिए पानीपूरी की बिक्री पर पाबंदी, 4 हजार किलो गोलगप्पे फेंके गए

मानसून के दौरान लोगों की सेहत न बिगड़े इसके लिए नगर पालिका ने गोलगप्पों की बिक्री पर पाबंदी लगा दी है और 50 जगह छापेमारी कर 4 हजार किलो बताशे फेंक दिए।
2 min read
Golgappe ban
वडोदराः सेहत संवारने के लिए पानीपूरी की बिक्री पर पाबंदी, 4 हजार किलो गोलगप्पे फेंके गए

अहमदाबाद। बारिश के मौसम में चाट-पकौड़े खाने के लिए लोग खूब निकलते हैं। लेकिन इस मौसम में आप भी गोलगप्पे खाना चाहते हैं तो शायद आपको मन मसोस कर रहना होगा। गुजरात के वडोदरा में गोलगप्पों की बिक्री पर पाबंदी लगा दी गई है। वडोदरा नगर पालिका ने यह कदम बारिश के मौसम में लोगों को बीमारियों से बचाने के लिए उठाया है।

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि ताजा आदेश के मुताबिक वडोदरा में नगर पालिका ने आदेश जारी कर गोलगप्पों (पानीपूरी या पानी के बताशे) की बिक्री पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। वडोदरा नगर पालिका ने यह कदम लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए उठाया है क्योंकि बताशे बनाने के दौरान सफाई-स्वच्छता पर ध्यान नहीं दिया जाता।

बताया गया है कि बारिश के मौसम में खान-पान की वजह से बीमारियों के बढ़ने की संभावना के चलते यह फैसला लिया गया है। नगर पालिका को उम्मीद है कि उसके इस कदम से लोग कम बीमार पड़ेंगे। वडोदरा नगर पालिका के मुताबिक शहर में जगह-जगह बिकने वाले गोलगप्पे खाने से यहां के निवासियों को फूड प्वाइजनिंग, पीलिया और टाइफाइड समेत अन्य बीमारियों का शिकार होना पड़ रहा है।

नगर पालिका के कर्मचारियों ने इस आदेश का सख्ती से पालन करते हुए शहर में जगह-जगह छापेमारी भी की। टीम ने उन जगहों को निशाना बनाया जहां पर गोलगप्पे बनाए जाते थे। वडोदरा नगर पालिका के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शहर के लगभग 50 स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान कर्मचारियों ने लगभग 4,000 किलो गोलगप्पे, 3,500 किलो आलू-चना और 1,200 लीटर गोलगप्पे के लिए इस्तेमाल में लाए जाने वाले पानी को फेंक दिया।

गौरतलब है कि मानसून के दौरान वायरस तेजी से पनपते हैं और इनसे संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ जाती है। इस मौसम में खानपान के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है, ताकि शरीर तंदरुस्त रहे।

Updated on:
28 Jul 2018 01:58 pm
Published on:
28 Jul 2018 01:54 pm