-Weather Forecast: मौसम विभाग ( IMD Forecast ) ने अनुमान लगाया था कि 6-7 मई तक यह सिस्टम चक्रवाती तूफान ( Cyclonic Storm ) का रूप ले लेगा, लेकिना ऐसा नहीं हुआ।-मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, साल 2020 का पहला 'चक्रवाती तूफान' बंगाल की खाड़ी ( First Cyclone of 2020 ) पर एक जगह स्थिर हो गया है।-बता दें कि मौसम विभाग ( IMD Alert ) ने पहले ही चक्रवाती तूफान को लेकर अलर्ट जारी कर दिया था। मौसम विभाग ( Weather Alert ) ने कहा है कि भले ही इसकी गति धीमी हो, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है।
नई दिल्ली।
Weather forecast साल 2020 का पहला 'चक्रवाती तूफान' बंगाल की खाड़ी ( First Cyclone of 2020 ) पर एक जगह स्थिर हो गया है। मौसम विभाग ( IMD Forecast ) ने अनुमान लगाया था कि 6-7 मई तक यह सिस्टम चक्रवाती तूफान ( Cyclonic Storm ) का रूप ले लेगा, लेकिना ऐसा नहीं हुआ। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, फिलहाल जो सिस्टम बना हुआ है उसकी रफ्तार बेहद धीमी है।
अगले तीन-चार दिनों तक यह इसी क्षमता में बना रहेगा और यह अपनी जगह भी नहीं बदलेगा। लेकिन, जब ये सिस्टम चक्रवाती तूफान का रूप लेगा, उसके बाद किस दिशा में जाएगा इसको लेकर अभी भी संशय बना हुआ है। बता दें कि मौसम विभाग ( IMD Alert ) ने पहले ही चक्रवाती तूफान को लेकर अलर्ट जारी कर दिया था। पहले अनुमान था कि ये 1 मई तक भारत में दस्तक दे देगा। लेकिन, रफ्तार कम होने के कारण ये एक जगह ही स्थिर हो गया है। मौसम विभाग ( Weather Alert ) ने कहा है कि भले ही इसकी गति धीमी हो, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है।
24 घंटों से एक ही स्थान पर बना
skymetweather के मुताबिक, उत्तरी अंडमान सागर और इससे सटे बंगाल की खाड़ी पर बना निम्न दबाव का क्षेत्र बीते 24 घंटों में एक ही स्थान पर बना हुआ है। ना ही ये प्रभावी हुआ है और ही इसने अपना स्थान बदला है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इसकी मुख्य वजह है मॉडन जूलियन ओषिलेशन के दायरे में कमी और इसका हिन्द महासागर क्षेत्र से दूर 5 और 6ठें चरण में पहुंचाना। इसके अलावा वर्टिकल विंड शियर भी कुछ मजबूत हो रही है। समुद्र की सतह लगातार गर्म होने के कारण मौसमी सिस्टम बना हुआ है।
अगले 72 घंटों तक बनी रहेगी यथास्थिति
मौसम वेज्ञानिकों के मुताबिक, फिलहाल अगले 72 घंटों तक इसकी यथास्थिति कायम रहने की संभावना है। उसके बाद यह प्रभावी होगा और गहरे निम्न दबाव के क्षेत्र में बदलेगा या डिप्रेशन का रूप लेगा। अनुमान है कि 7 मई तक यह सिस्टम गहरे निम्न दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो जाएगा उसके बाद अगले 24 घंटों में यह डिप्रेशन बन सकता है। यानी कि अगले 24 घंटों में यह और प्रभावी होगा। अगले 48 घंटों में इसके आगे बढ़ने के बारे में कुछ सटीक जानकारी मिल सकेगी। हालांकि यह लगभग तय है कि यह सिस्टम धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिमी दिशा में बढ़ता रहेगा।
तूफान का नाम होगा ‘अंफन’
जो सिस्टम बन रहा है वो चक्रवाती तूफान का रूप भी लेगा। साल 2020 में भारत के तटों के पास पहला तूफान होगा। इसे 'अंफन' नाम दिया जाएगा। इस दौरान समूचे अंडमान व निकोबार क्षेत्र पर घने बादल छाए हुए हैं और आने वाले 24 से 48 घंटों के दौरान तमाम क्षेत्रों में यह गर्जना के साथ भारी वर्षा और तूफानी रफ्तार की हवाएं लगातार देता रहेगा। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव ओडिशा और आसपास के क्षेत्रों में दिखाई देगा। इसकी रफ्तार बेहद तेजी होगी। इस कारण इससे काफी नुकसान हो सकता है।